छतरपुर, संजय अवस्थी/संदीप यादव। मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के छतरपुर विभाग में पदस्थ एक घूसखोर संभागीय लेखा अधिकारी को सागर लोकायुक्त की विशेष टीम ने सोमवार को जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोच लिया है। लोकायुक्त पुलिस ने इस कार्रवाई को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया, जिसके चलते आरोपी अधिकारी को कार्यालय के भीतर ही पीड़ित से 4,000 की नगद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई छतरपुर निवासी रामनारायण शुक्ला की लिखित शिकायत पर की गई है। रामनारायण शुक्ला ने बताया कि उन्होंने छतरपुर के छत्रसाल नगर स्थित अमलतास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में करीब डेढ़ साल पहले ईडब्ल्यूएस श्रेणी के दो मकान खरीदे थे। इनमें से एक मकान उनके बड़े भाई और दूसरा उनके छोटे भाई के नाम पर था। इन दोनों मकानों की रजिस्ट्री की वैधानिक कार्रवाई संभागीय लेखा अधिकारी के कार्यालय से होनी थी।


रामनारायण का आरोप है कि वह पिछले डेढ़ साल से रजिस्ट्री कराने के लिए दफ्तर के चक्कर काट-काटकर परेशान हो चुका था, लेकिन हाउसिंग बोर्ड में पदस्थ संभागीय लेखा अधिकारी बीपी विश्वकर्मा द्वारा बिना लेन-देन के फाइल आगे बढ़ाने से साफ इनकार किया जा रहा था। आरोपी अधिकारी द्वारा दोनों मकानों की रजिस्ट्री करने के एवज में 6,000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी। परेशान होकर पीड़ित ने मई महीने में सागर जाकर लोकायुक्त कार्यालय में इसकी गोपनीय शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त कार्यालय सागर द्वारा मामले की प्राथमिक जांच कराते हुए आरोपी अधिकारी की वॉइस रिकॉर्डिंग और रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान लोकायुक्त ने पाया कि संभागीय लेखा अधिकारी बीपी विश्वकर्मा द्वारा वास्तव में 6,000 की रिश्वत मांगी गई और बाद में 4,000 में बात तय की।


सत्यापन रिपोर्ट सही पाए जाने पर लोकायुक्त सागर संभाग की इंस्पेक्टर मंजू किरण तिर्की के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। तय रणनीति के मुताबिक, सोमवार को शिकायतकर्ता रामनारायण शुक्ला केमिकल लगे हुए 4,000 के नोट लेकर हाउसिंग बोर्ड कार्यालय पहुंचे। जैसे ही रामनारायण ने केबिन में बैठकर आरोपी बीपी विश्वकर्मा को रिश्वत की रकम थमाई और अधिकारी ने नोट स्वीकार कर अपनी जेब में डाले, वैसे ही बाहर इशारा पाते ही पहले से मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने दबिश दे दी। लोकायुक्त के अधिकारियों ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और जब उनके हाथ धुलवाए गए, तो वे केमिकल के कारण पूरी तरह गुलाबी हो गए।


कार्यवाही के संबंध में जानकारी देते हुए लोकायुक्त सागर संभाग की इंस्पेक्टर मंजू किरण तिर्की ने बताया कि 26 मई 2026 को रामनारायण शुक्ला द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। कार्यालय द्वारा कराए गए सत्यापन में डिमांड की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर आज आरोपी को 4,000 की रिश्वत लेते हुए कार्यालय में ही रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त की टीम ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। टीम द्वारा हाउसिंग बोर्ड कार्यालय के आवश्यक दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और संबंधित फाइलों को भी सघन जांच के दायरे में ले लिया गया है।