गुवाहाटी, 13 मई । असम के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री और असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष अतुल बोरा ने बुधवार को कहा कि पड़ोसी पूर्वोत्तर राज्यों के साथ असम के लंबित सीमा विवादों का समाधान करना एनडीए सरकार की प्राथमिकता है।
मीडिया से बात करते हुए बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने पड़ोसी राज्यों के साथ संवाद और आपसी सहयोग के माध्यम से अंतरराज्यीय सीमा विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। असम दशकों से सीमा संबंधी तनावों का सामना कर रहा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कठिनाई और अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
बोरा ने कहा, "मुख्यमंत्री बनने के बाद, हिमंता बिस्वा सरमा ने सभी पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करने की पहल की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे विवादों का समाधान बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से होना चाहिए। परिणामस्वरूप, असम ने पड़ोसी राज्यों के साथ सीमा विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।"
एजीपी नेता ने बताया कि असम ने अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के साथ कई विवादित क्षेत्रों को लेकर महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। सीमा संबंधी मुद्दों और संवेदनशील क्षेत्रों में घटित घटनाओं को लेकर मिजोरम और नागालैंड के साथ भी नियमित रूप से चर्चाएं होती रहती हैं।
बोरा ने स्वीकार किया कि नागालैंड के साथ विवाद एक जटिल मामला बना हुआ है, क्योंकि इसका कुछ हिस्सा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। हालांकि, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पड़ोसी राज्यों के बीच निरंतर संवाद से अंततः एक शांतिपूर्ण समाधान खोजने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि चर्चा और सहयोग के माध्यम से समाधान निकाले जा सकते हैं। काफी प्रगति हो चुकी है और हमें आने वाले वर्षों में और आगे बढ़ने की उम्मीद है।”
बोरा ने यह भी कहा कि असम की जनता ने एक बार फिर एनडीए सरकार पर भरोसा जताया है और सत्तारूढ़ गठबंधन अगले पांच वर्षों में जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अधिक जिम्मेदारी से काम करेगा। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और बुनियादी ढांचे जैसे सभी क्षेत्रों में विकास, असम के हितों की रक्षा और कल्याणकारी उपायों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी।

