छतरपुर, विनोद मिश्रा। छतरपुर शहर के जवाहर रोड पर एटीएम ठगी का एक बेहद शातिर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बदमाशों ने एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक लगाकर लोक निर्माण विभाग के एक कर्मचारी का एटीएम कार्ड फंसा दिया और फिर चालाकी से उनके खाते से 62,608 रुपये की नकदी पार कर दी। पीड़ित कर्मचारी ने इस डिजिटल ठगी की लिखित शिकायत सिटी कोतवाली पुलिस और संबंधित एचडीएफसी बैंक प्रबंधन से की है। पुलिस ने मामले को जांच में लेते हुए एटीएम बूथ के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नया मोहल्ला चौराहा छतरपुर के रहने वाले रमेश कुमार श्रीवास, जो कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ हैं, बीती रात करीब 8:50 बजे जवाहर रोड स्थित बुंदेलखंड गैरेज के पास लगे एचडीएफसी बैंक के एटीएम से नकदी निकालने पहुंचे थे। रमेश कुमार ने जैसे ही अपना कार्ड मशीन के स्लॉट में डाला, वह भीतर ही अटक गया। दरअसल, उनसे पहले वहां मौजूद तीन अज्ञात शातिर बदमाशों ने साजिश के तहत मशीन के स्लॉट में फेवीक्विक डाल रखा था, जिससे कार्ड अंदर जाते ही चिपक गया। कार्ड फंसने पर बाहर खड़े वही तीन बदमाश मदद के बहाने अंदर आए और लोहे के प्लास की मदद से कार्ड निकालने का ढोंग करने लगे। जब कार्ड बाहर नहीं निकला तो रमेश कुमार ने एटीएम कक्ष की दीवार पर चस्पा एक कथित कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया।
फोन उठाने वाले अज्ञात ठग ने उन्हें झांसे में लेकर बातों-बातों में कार्ड का गुप्त पिन नंबर पूछ लिया। जब पीड़ित ने वहां तैनात सुरक्षा गार्ड से इस नंबर की सत्यता जाननी चाही, तो गार्ड ने स्पष्ट किया कि बैंक द्वारा एटीएम बूथ पर ऐसा कोई भी अधिकृत नंबर चस्पा नहीं किया गया है। गार्ड की बात सुनकर जब तक रमेश कुमार कुछ समझ पाते, तब तक सफेद रंग की चार पहिया गाड़ी से आए वे तीनों संदिग्ध बदमाश पीड़ित के खाते से 62,608 रुपये का ट्रांजैक्शन कर वहां से रफूचक्कर हो चुके थे। हैरानी की बात यह रही कि ठगों ने संभवतः पीड़ित के बैंक खाते से जुड़े अलर्ट सिस्टम को ब्लॉक कर दिया था, जिसके कारण राशि आहरण (विड्रॉल) होने का कोई भी मैसेज पीड़ित रमेश कुमार के मोबाइल पर तुरंत नहीं आया। अगले दिन सुबह जब उन्हें अनहोनी की आशंका हुई, तो उन्होंने मुख्य बैंक शाखा पहुंचकर अपनी पासबुक में एंट्री कराई, तब जाकर उन्हें खाते से इतनी बड़ी रकम साफ होने की हैरान करने वाली जानकारी मिली।
एटीएम बूथ और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में सफेद कार और तीनों संदिग्ध बदमाश साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं। बैंक प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों से फुटेज सीधे मुझे न देकर कोतवाली पुलिस को सौंप दिए हैं। रमेश कुमार श्रीवास ने पुलिस के आला अधिकारियों से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए आम नागरिकों से भी एटीएम का उपयोग करते समय अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। सिटी कोतवाली पुलिस हुलिए के आधार पर अंतरराज्यीय ठग गिरोह के सुराग तलाशने में जुटी है।

