नई दिल्ली, 13 मई । ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों) काजेम गरीबाबादी ने बुधवार को भारत को 'दोस्त देश' बताते हुए कहा कि तेहरान और नई दिल्ली, मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से और ज्‍यादा भारत से जुड़े जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर लगातार काम कर रहे हैं।

नई दिल्ली में चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत के दौरान गरीबाबादी ने कहा, “भारत हमारे लिए एक दोस्त देश है। हमने अब तक 11 जहाजों को अनुमति दी है। कुछ और जहाजों को अनुमति देने पर भी काम चल रहा है। यह सुविधा किसी और देश को नहीं दी गई है और सभी जहाजों को इजाजत नहीं मिलेगी। हम भारत की मदद का स्वागत करते हैं।”

विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, अब तक 11 भारतीय जहाज होर्मुज से गुजर चुके हैं, जबकि 13 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं और आगे की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।

अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में अहम भूमिका निभा रहे ईरानी मंत्री ने बताया कि रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम बनाए गए हैं। इनके तहत ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कुछ शुल्क लगाने की योजना बना रहा है। यह शुल्क अलग-अलग मानकों के आधार पर तय किया जाएगा।

हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि अगर अमेरिका चाहता है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोले, तो उसे ईरान पर लगाया गया प्रतिबंध हटाना होगा, देश की जमा की गई संपत्तियां वापस करनी होंगी और परमाणु कार्यक्रम समेत सभी मुद्दों पर गंभीर बातचीत के लिए तैयार होना होगा।

गरीबाबादी ने कहा कि हाल की ईरान-अमेरिका बातचीत तीन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित थी, ईरान का परमाणु हथियार न बनाने का वादा, उसके मौजूदा यूरेनियम भंडार का प्रबंधन और यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) का मुद्दा।

अमेरिका का कहना है कि ईरान हथियार बनाने लायक यूरेनियम तैयार करने के काफी करीब पहुंच चुका है, क्योंकि वह पहले ही यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक समृद्ध कर चुका है।

गरीबाबादी ने नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, “ईरान हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार था, लेकिन इसके लिए सही तरीके से बातचीत होनी चाहिए। अमेरिका बातचीत से बच रहा है। अमेरिका सिर्फ अपनी शर्तें मनवाना चाहता है।”

इससे पहले दिन में, विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने गरीबाबादी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। बातचीत में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली और अन्य अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे।

बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने सेशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, “सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों) डॉ. काजेम गरीबाबादी का स्वागत किया। बातचीत में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।”