भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी के जवाहर चौक पर आयोजित विशाल 'किसान महाचौपाल' में कांग्रेस ने केंद्र सरकार की नीतियों और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि व्यक्तिगत केसों के दबाव में आकर देश के किसानों और हिंदुस्तान का डेटा अमेरिका को बेच दिया गया है।
'संसद में दबाई गई मेरी आवाज'
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में संसद की कार्यवाही का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका गया। उन्होंने कहा, "मैं चीन की घुसपैठ और पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब में किए गए दावों पर बात करना चाहता था, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया। सरकार ने सेना को चीनी घुसपैठ के समय अकेला छोड़ दिया था।" राहुल ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें दम है तो वे अमेरिका के साथ हुई इस ट्रेड डील को रद्द करके दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप द्वारा टैरिफ रद्द किए जाने के बावजूद मोदी सरकार खामोश है क्योंकि उन पर अडाणी और एपस्टीन केस का दबाव है।
खड़गे बोले- 'नरेंद्र मोदी नहीं, ये सरेंडर मोदी हैं'
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी प्रधानमंत्री पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो मोदी जी रोज 'चाय पर चर्चा' की बात करते थे, आज वही देश को बेचने का काम कर रहे हैं। खड़गे ने उन्हें 'सरेंडर मोदी' करार देते हुए कहा कि सरकार ने किसानों के साथ छल किया है और देश की संप्रभुता से समझौता किया है।
पुलिस और कार्यकर्ताओं में भिड़ंत, शहर में लगा जाम
महाचौपाल के दौरान भारी अव्यवस्था का आलम भी देखने को मिला। सभा स्थल पर प्रवेश को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की और बहस हुई। शहर के मुख्य मार्ग जवाहर चौक, माता मंदिर और न्यू मार्केट की ओर ट्रैफिक डायवर्ट होने के बावजूद हजारों की भीड़ के कारण राजधानी की रफ्तार थम गई। एसीपी ट्रैफिक अजय वाजपेयी के अनुसार, सुरक्षा और सुचारु यातायात के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे, लेकिन कार्यकर्ताओं के डटे रहने से कई मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही।
'ट्रंप की तलवार' से की गई डील की तुलना
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इस ट्रेड डील पर तीखा हमला बोलते हुए इसकी तुलना 'ट्रंप की तलवार' से की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस समझौते के चलते कपास, सोयाबीन और सरसों के दाम तेजी से गिर रहे हैं, जिससे प्रदेश का किसान कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने को मजबूर हो गया है।
भाजपा का पलटवार: राहुल गांधी के कृषि ज्ञान पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया है। प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें गेहूं की बाली और यूरिया के उपयोग तक का बुनियादी ज्ञान नहीं है, वे किसानों के हक की बात क्या करेंगे? वहीं, विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ट्रेड डील के बहाने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस केवल भ्रम फैलाकर किसानों को गुमराह कर रही है।









