चेन्नई। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में भारतीय टीम ने चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 72 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया है। हालांकि भारत ने इस जीत के साथ टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की है, लेकिन ग्रुप-1 के समीकरणों के चलते दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली टीम बन गई है। भारत के लिए यह मैच रिकॉर्ड्स के नाम रहा, जहां टीम ने बल्लेबाजी में अपनी पूरी ताकत का अहसास कराया।


वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 256 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। भारत ने अपना ही 19 साल पुराना रिकॉर्ड (218 रन बनाम इंग्लैंड, 2007) भी तोड़ दिया है। अब वर्ल्ड कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 256 रन हो गया है। पूरे टूर्नामेंट के इतिहास में अब केवल श्रीलंका (260 रन) ही भारत से आगे है।


अभिषेक-हार्दिक का तूफान और तिलक की समझदारी

भारत की इस विशाल पारी की नींव सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने रखी, जिन्होंने ताबड़तोड़ 55 रन बनाए। मध्यक्रम में 'प्लेयर ऑफ द मैच' हार्दिक पंड्या ने अपनी फॉर्म का मुजाहिरा पेश करते हुए नाबाद 50 रनों की विस्फोटक पारी खेली। वहीं, युवा तिलक वर्मा ने भी अंत तक टिके रहकर नाबाद 44 रन जोड़े, जिससे भारत 250 के पार पहुंचने में सफल रहा। जिम्बाब्वे की ओर से रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजरबानी सहित चार गेंदबाजों ने एक-एक विकेट लिया, लेकिन वे रनों की गति पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे।


ब्रायन बेनेट की साहसिक पारी, अर्शदीप की धारदार गेंदबाजी

257 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद धीमी रही। हालांकि, ओपनर ब्रायन बेनेट ने एक छोर थामे रखा और भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया। बेनेट दुर्भाग्यशाली रहे और महज 3 रन से अपने शतक से चूक गए; वे 97 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए, जबकि वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली।


इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी गरिमा बरकरार रखी है, लेकिन ग्रुप की अन्य स्थितियों के कारण दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम चार में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारतीय टीम के इस आक्रामक रवैये ने आने वाले मैचों के लिए विपक्षी टीमों को कड़ी चेतावनी दे दी है।