पटना। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये लोग खुद अपनी पार्टी नहीं संभाल पा रहे है और केंद्र सरकार के कामों पर आरोप लगाते है, पहले इनको अपनी पार्टी संभालनी चाहिए। गुरुप्रकाश पासवान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को पहले अपने संगठन पर ध्यान देना चाहिए। पार्टी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तो मुखर रहती है, लेकिन देश के भीतर उसकी स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में कांग्रेस की स्थिति और शासन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पार्टी न तो सरकारों को ठीक से चला पा रही है और न ही अपने संगठन को मजबूत रख पा रही है, इसलिए उसे आत्ममंथन करना चाहिए।
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान का समर्थन करते हुए गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन है और भारतीय मजदूर संघ सबसे बड़ा मजदूर संगठन है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शांतिपूर्वक तरीके से देश के विकास के लिए कार्य कर रहा है और “परम वैभव” के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को दुनिया के सबसे बड़े छात्र संगठनों में से एक बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा पर उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए गर्व की बात है कि देश आज वैश्विक स्तर पर ग्लोबल साउथ की आवाज बनकर उभर रहा है। जब प्रधानमंत्री “विश्व बंधु” की अवधारणा रखते हैं तो दुनियाभर के देश भारत को सम्मान देते हैं और यह भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
“ऑपरेशन टाइगर” को लेकर उन्होंने कहा कि विपक्षी दल, खासकर परिवार-आधारित पार्टियां, अस्तित्व के संकट का सामना कर रही हैं। इसमें तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) जैसी पार्टियां शामिल हैं। इन दलों में लगातार राजनीतिक अस्थिरता और संगठनात्मक चुनौतियां देखी जा रही हैं।
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े मामलों पर बोलते हुए उन्होंने इसे आस्था और श्रद्धा का विषय बताया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संबंध में उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मुद्दा है और उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू करने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि यह एक संवैधानिक विषय है। उन्होंने कहा कि संविधान में समानता की अवधारणा मौजूद है और बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर इसके पक्षधर थे। इसलिए यूसीसी पर चर्चा स्वाभाविक और आवश्यक है।

