भोपाल। मध्य प्रदेश में रविवार को मानसून और स्थानीय वेदर सिस्टम के चलते मंदसौर और सीहोर जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है, जबकि मौसम विभाग ने प्रदेश के 43 जिलों में आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के 30 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ पानी गिरा है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में सर्वाधिक ढाई इंच बारिश शिवपुरी में दर्ज की गई, जबकि छिंदवाड़ा में करीब डेढ़ इंच और राजधानी भोपाल में सवा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है।
राजधानी भोपाल में रविवार सुबह से ही तेज गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे कई शहरी इलाकों में बिजली गुल हो गई। दूसरी ओर, शिवपुरी जिले में मानसून की पहली तेज बारिश और आंधी ने भारी तबाही मचाई है। यहां चली तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जबकि एक ढाबा और मकान ढहने की खबर है। इसके अलावा कई कारों, बाइकों और एक पेट्रोल पंप को भी आंधी से नुकसान पहुंचा है। रतलाम में जोरदार बारिश के कारण सड़कें और रेलवे अंडरब्रिज जलमग्न हो गए, जबकि झाबुआ और विदिशा जिलों में भी तेज गर्मी के बाद शाम होते ही गरज-चमक के साथ पानी गिरने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दोहरे मिजाज के कारण न्यूनतम तापमान में भी बड़ा अंतर देखा जा रहा है। शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि खजुराहो में सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके बाद नौगांव में 27.6, सतना में 27.5, उमरिया में 27.2, सीधी में 27 और ग्वालियर व नर्मदापुरम में 26 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसके विपरीत, सबसे कम न्यूनतम तापमान खंडवा में 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं दमोह में 21.4, पचमढ़ी में 21.6, खरगोन में 21.8, धार में 22.6, इंदौर में 22.8, भोपाल में 23.2, शिवपुरी व रतलाम में 23.6, बैतूल व सागर में 23.7 और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ है।
पिछले चार दिनों से जारी बारिश के बाद प्रदेश के ओवरऑल वर्षा के आंकड़ों में आंशिक सुधार देखने को मिला है। राज्य में 1 जून से अब तक औसत 107.3 मिमी (4.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी, जिसके मुकाबले वर्तमान में 63.5 मिमी (2.5 इंच) पानी गिरा है, जो सामान्य से 41 प्रतिशत कम है। हालांकि, 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत तक थी, जिसमें अब 9 प्रतिशत का सुधार हुआ है। प्रादेशिक स्तर पर पूर्वी हिस्से में औसत से 67 प्रतिशत कम पानी गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में स्थिति बेहतर है और वहां औसत से महज 16 प्रतिशत ही कम बारिश हुई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी जिलों की सूची के अनुसार, अब तक सामान्य से कम बारिश वाले जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, mऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं। वहीं, सामान्य से अधिक बारिश दर्ज करने वाले जिलों में भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर बने हुए हैं।


