दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उपजा विवाद गहराता जा रहा है। टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं और नरोत्तम समर्थकों में मची भारी खींचतान और असंतोष के बीच, मोहन सरकार के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संगठन के फैसले का पुरजोर बचाव करते हुए दावा किया है कि भाजपा इस सीट पर ऐतिहासिक और डंके की चोट पर जीत दर्ज करेगी।
संगठन का हर फैसला सोच-समझकर, टिकट बदलने की कोई परंपरा नहीं
इंदौर में मीडिया से चर्चा के दौरान दतिया टिकट कंट्रोवर्सी पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित संगठन है। उन्होंने कहा:
"पार्टी हर फैसला बहुत सोच-समझकर और लंबी विचार-विमर्श की प्रक्रिया के तहत ही लेती है। दतिया के उम्मीदवार का चयन भी इसी तय प्रक्रिया के तहत हुआ है। मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर हजारों कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की तैयारी करते हैं, लेकिन टिकट किसी एक को ही मिलता है। भाजपा में एक बार टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की कोई परंपरा नहीं रही है, इसलिए दतिया का टिकट बदले जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।"
विजयवर्गीय की भविष्यवाणी— भारी मतों से जीतेंगे आशुतोष तिवारी
कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दरकिनार करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने चुनावी नतीजों को लेकर अभी से एक बड़ी भविष्यवाणी कर दी। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया:
"मैं अभी से भविष्यवाणी कर रहा हूँ कि दतिया उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी भारी मतों से चुनाव जीतेंगे। आशुतोष जी पूर्व संगठन मंत्री रह चुके हैं और जमीन से जुड़े एक बेहद मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ता हैं।"
"नरोत्तम मिश्रा को व्यक्तिगत तौर पर जानता हूँ, वे पार्टी के लिए काम करेंगे"
टिकट कटने के बाद दतिया-झांसी हाईवे पर नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों द्वारा किए गए चक्काजाम, उग्र प्रदर्शन और पुलिस पर हुए पथराव की घटनाओं को लेकर विजयवर्गीय ने माहौल को शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि परिवार में ऐसी छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं।
- वरिष्ठ नेता हैं नरोत्तम: विजयवर्गीय ने कहा, "मैं नरोत्तम जी को व्यक्तिगत तौर पर बहुत अच्छे से जानता हूँ। वे भारतीय जनता पार्टी के बेहद सीनियर, समर्पित और बहुत अच्छे कार्यकर्ता हैं। वे पार्टी के इस निर्णय का पूरा सम्मान करेंगे।"
- समझाकर काम पर लगाएंगे: नाराज गुटों और पदाधिकारियों के इस्तीफों पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह हमारे लिए बहुत छोटी बात है। हम सभी वरिष्ठ और नाराज कार्यकर्ताओं को एक साथ बैठाकर बात कर लेंगे। चुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा स्वयं पूरी सक्रियता के साथ मैदान में उतरेंगे और आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए काम करेंगे।
भाजपा के लिए साख की लड़ाई बनी दतिया सीट
गौरतलब है कि साल 2023 के नियमित चुनाव में नरोत्तम मिश्रा यहाँ से कांग्रेस के राजेंद्र भारती से चुनाव हार गए थे। आंतरिक सर्वे रिपोर्ट और नए पावर सेंटर के समीकरणों के चलते पार्टी ने इस बार नरोत्तम का टिकट काटकर पूर्व संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी (ब्राह्मण चेहरा) पर दांव खेला है ताकि सामाजिक और जातिगत समीकरण न बिगड़ें। अब देखना दिलचस्प होगा कि कैलाश विजयवर्गीय के इस डैमेज कंट्रोल वाले बयान और भरोसे के बाद दतिया की जमीनी बगावत कितनी शांत हो पाती है।


