न्यायालय परिसर में CPR का मेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम: IMA, ISA और अधिवक्ता संघ की संयुक्त पहल

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सागर(जीशान खान)। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजी (ISA) तथा अधिवक्ता संघ सागर के संयुक्त तत्वावधान में न्यायालय परिसर में एक बड़ा CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मेगा प्रशिक्षण में मैनिकिन्स पर आधारित व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से CPR की वास्तविक तकनीक सिखाई गई, ताकि आपात स्थिति में मौजूद लोग तुरंत जीवन रक्षा कर सकें।
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक डॉ. सर्वेश जैन ने बताया कि समय पर दिया गया CPR मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह बनाए रखता है और कई मामलों में यह जीवन रक्षक साबित होता है। उन्होंने प्रतिभागियों को CPR की पूरी प्रक्रिया सरल तरीके से समझाई। डॉ. स्मिता दुबे ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं में CPR देते समय बरतनी जाने वाली सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
IMA सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने CPR को शीघ्र शुरू करने के महत्व पर जोर देते हुए न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं से अपील की कि आपातकालीन स्थितियों में भय को दूर रखें और बार-बार अभ्यास करके इस कौशल को मजबूत बनाएं। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि ऐसी पहलें अधिवक्ताओं को सशक्त बनाती हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाती हैं, जहां हर व्यक्ति संभावित जीवन रक्षक बन सकता है।
कार्यक्रम की सफलता में अधिवक्ता संघ के सचिव कुंवर वीरेंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही डॉ. रजत जैन, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. अभय और सपोर्ट स्टाफ रामजी कुर्मी तथा तरुण ठाकुर ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
यह प्रशिक्षण शिविर IMA और ISA की उस व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत शहर के विभिन्न संस्थानों और समुदायों में आम लोगों को जीवन रक्षा कौशल से जोड़ा जा रहा है। इस तरह की पहलें न केवल पेशेवर समुदायों को जागरूक कर रही हैं, बल्कि समाज में आपात स्थिति में त्वरित सहायता की संस्कृति को मजबूत कर रही हैं।
