काठमांडू, 13 मई । दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट तक पहुंचने का रास्ता 2026 के वसंत पर्वतारोहण सीजन के लिए आधिकारिक तौर पर खुल गया। बुधवार को 11 पर्वतारोही शिखर तक पहुंचे और रस्सियां लगाने का काम पूरा किया, जिसके साथ ही 2026 के वसंत पर्वतारोहण सीजन की शुरुआत हो गई।

पर्यटन विभाग ने बताया कि रस्सियां लगाने वाली टीम बुधवार सुबह 10:25 बजे एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच गई। इसके बाद अब बाकी पर्वतारोहियों के लिए चढ़ाई का रास्ता तैयार हो गया है।

नेपाली सरकार ने सागरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति (एसपीसीसी) को एवरेस्ट बेस कैंप से कैंप-II तक खुंबू आइसफॉल के रास्ते पर्वतारोहण मार्ग के प्रबंधन का काम सौंपा था। कैंप-II के ऊपर से चोटी तक रस्सियां लगाने का काम एक्सपीडिशन ऑपरेटर्स एसोसिएशन नेपाल (ईओए-नेपाल) को सौंपा गया था।

उन्होंने माउंट एवरेस्ट की चोटी तक जाने वाले रास्ते पर रस्सी लगाने के लिए आइसफॉल डॉक्टरों और पर्वतारोहण गाइडों को तैनात किया।

आइसफॉल डॉक्टर्स बेहद अनुभवी नेपाली शेरपा होते हैं, जो खतरनाक खुंबू आइसफॉल में रास्ता बनाने और उसकी देखभाल का काम करते हैं। वे मेडिकल डॉक्टर नहीं होते, लेकिन उन्हें 'डॉक्टर' इसलिए कहा जाता है, क्योंकि वे रास्ते को सुरक्षित बनाते हैं। वे सीढ़ियां और रस्सियां लगाकर पर्वतारोहियों को अस्थिर ग्लेशियर पार करने में मदद करते हैं, जिससे हादसों का खतरा कम होता है।

पर्यटन विभाग ने प्रेस रिलीज में कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, मौसम में बदलाव और ऊंचे हिमालयी इलाकों के जोखिमों के बावजूद अलग-अलग एजेंसियों के तालमेल से काम सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

विभाग के मुताबिक इस अभियान में आठ आइसफॉल डॉक्टर्स और 11 क्लाइम्बिंग गाइड्स शामिल थे। विभाग के अनुसार, चोटी पर पहुंचने वालों में मिंगमा दोरची शेरपा, पासांग ताशी शेरपा, लोपसांग भूटिया, मिंग नुरबू शेरपा, चोम्बा तेनजी शेरपा, गुरु भोटे, पाम दोरजी शेरपा, मिंगमा तेनजे शेरपा, मिंग तेम्बा शेरपा, देंदी शेरपा और पासांग नुरबू शेरपा शामिल हैं।

वसंत का मौसम एवरेस्ट चढ़ाई के लिए सबसे मुख्य सीजन माना जाता है। हर साल सैकड़ों पर्वतारोही और उनके सहयोगी नेपाल पहुंचते हैं। शुक्रवार तक 492 पर्वतारोहियों को माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की अनुमति मिल चुकी थी, जो वसंत सीजन का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।