भोपाल, जीतेन्द्र यादव। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने एक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर आए सुझावों का स्वागत करते हुए इसे हिंदुस्तान की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा का कानून करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मंशा के अनुरूप है, जिसे नेहरू समेत कुछ नेताओं ने कभी लागू नहीं होने दिया।


शर्मा ने कहा, “यूसीसी बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का कानून है। यह बच्चों की सुरक्षा का कानून भी है। हिंदुस्तान की बेटियों की इज्जत से खेलने वालों के खिलाफ यह सख्त कानून बनेगा। जो इस कानून को नहीं मानेगा, उसे 10 साल की जेल हो सकती है।”


विधायक ने महिलाओं के रुझान का हवाला देते हुए कहा, “71 प्रतिशत महिलाओं की राय इस कानून को क्रांतिकारी साबित करेगी। मुस्लिम बेटियां भी इस कानून के बाद आनंद की जिंदगी जीएंगी और अल्लाह के प्रति अपना फर्ज निभा पाएंगी।”


आदिवासियों पर उमंग सिंघार के बयान पर पलटवार


नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के आदिवासियों संबंधी बयान पर रामेश्वर शर्मा ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “वो कुछ भी कहें, देश का हिंदू गर्व से खुद को हिंदू कहता है। आदिवासी मां सबरी को पूजते हैं। सबरी मां का चरित्र पढ़िए। जहां सबरी मैया का संस्कार है, वहां हिंदू हैं।”

शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ईसाई धर्मांतरण कराती है और सोनिया गांधी को प्रसन्न करना चाहती है।

कांग्रेस के राम पोस्टर पर हमला


कांग्रेस द्वारा लगाए गए राम संबंधी पोस्टर पर विधायक ने कहा, “राम के प्रति कांग्रेस का नजरिया पूरी दुनिया जानती है। राम के प्रति उनके मन में काल्पनिक शब्द घुसा हुआ है। सरकार इस मामले में कार्रवाई कर रही है। राम और सरकार दोनों ही उन्हें दंडित करेंगे।”

विधायक रामेश्वर शर्मा के इन बयानों ने सियासी गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। यूसीसी को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें सक्रिय हैं और जल्द ही इसके पूर्ण रूप से लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।