नई दिल्ली, 13 मई । भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने की दिशा में बुधवार को दिल्ली में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और वैश्विक मुद्दों सहित कई अहम विषयों पर विचार साझा किए।विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में कहा, ''बुधवार शाम, दिल्ली में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ विचारों का एक सार्थक आदान-प्रदान हुआ। हमारी बातचीत में भारत-रूस की 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' के कई पहलुओं पर चर्चा हुई, जिनमें व्यापार और निवेश, ऊर्जा और कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, तथा कौशल और प्रतिभा की आवाजाही को सुगम बनाना शामिल है। आपसी हित के अन्य वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई।''

इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया क‍ि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के द‍िल्‍ली पहुंच गए हैं। भारत पहुंचने पर उनका स्‍वागत किया गया।

इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन-2026 के दौरान ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम एडम से मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ तथा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति और ब्रिक्स अध्यक्षता को लेकर सहयोग पर चर्चा हुई।

बुधवार को ही विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला के साथ बैठक की।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में कहा, "बुधवार शाम दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला से मिलकर खुशी हुई। हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। साथ ही, आपसी हित के बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की। संस्थागत तंत्रों के माध्यम से अपने संवाद को और तेज करने की आवश्यकता पर सहमति बनी।''

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 14 मई की सुबह 10 बजे विदेश मंत्रियों का आगमन भारत मंडपम में होगा। इसके बाद 10.30 बजे पहले सेशन की शुरुआत होगी। फिर दिन के 1 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 'सेवा तीर्थ' में सभी मंत्रियों की संयुक्त मुलाकात होगी।

इसके बाद 3.10 बजे दूसरे सत्र की शुरुआत होगी। फिर शाम 7 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की तरफ से भारत मंडपम में ही डिनर का आयोजन किया जाएगा। समिट के अगले दिन, 15 मई को, सुबह 10 बजे तीसरे सेशन की शुरुआत होगी।