छतरपुर। छतरपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री तथा टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने की। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे आयुष्मान कार्ड, ग्रामीण सड़कें, पेयजल और राशन वितरण व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई और अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में मुख्य रूप से छतरपुर विधायक ललिता यादव, बिजावर विधायक राजेश शुक्ला, राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया सहित विभिन्न निकायों के अध्यक्ष, कलेक्टर पार्थ जैसवाल, एसपी रजत सकलेचा और जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया उपस्थित रहे।


बैठक के दौरान खाद्य विभाग की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना का ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में राशन दुकान की दूरी अधिक है, वहां नियमानुसार तत्काल अतिरिक्त उचित मूल्य की दुकानें खोली जाएं। इसके साथ ही, राजनगर क्षेत्र के ग्राम चौबर में तीन महीने में एक बार राशन बांटे जाने की गंभीर शिकायत पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने लापरवाह राशन विक्रेता के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सहकारिता क्षेत्र या जिला सहकारी बैंक में हितग्राहियों की राशि में हेरफेर अथवा किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरुद्ध कड़ी जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


स्वास्थ्य और पोषण के मोर्चे पर केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड विशेष अभियान चलाकर बनाए जाएं, ताकि कोई भी बुजुर्ग इस स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे। इसके साथ ही उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराया जाए, जिससे सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित हो सके। निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर जोर देते हुए उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग सहित सभी विभागों को कहा कि क्षेत्र में होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में लाकर ही स्वीकृत व पूर्ण कराया जाए तथा सभी कार्यों का नियमानुसार भूमिपूजन एवं लोकार्पण सुनिश्चित हो।


बुनियादी ढांचे और पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कुटने-राजनगर परियोजना सहित सभी पेयजल योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करें। डैम में पानी भरे होने के कारण इंटेकवेल निर्माण में आ रही तकनीकी दिक्कतों के लिए उन्होंने वैकल्पिक तकनीक अपनाने और पानी की टंकियों के निर्माण में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जब तक प्रत्येक घर तक नल से जल पहुंच न जाए, तब तक संबंधित ठेकेदार को कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र (सीसी) जारी न किया जाए, साथ ही सटई क्षेत्र में एक अतिरिक्त पानी की टंकी का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, एनएचएआई को सागर-कानपुर फोरलेन परियोजना के तहत छतरपुर बाईपास निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।


ग्रामीण सड़कों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. वीरेंद्र कुमार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों के भीतर सभी ग्रामीण सड़कों, पुलों और पुलियाओं का भौतिक निरीक्षण किया जाए। यदि गारंटी अवधि के भीतर कोई सड़क क्षतिग्रस्त पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी से तत्काल उसकी मरम्मत कराई जाए तथा मजरा-टोला योजना के तहत रुके हुए अधूरे सड़क कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने उपस्थित सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय विद्यालयों एवं अन्य विकास कार्यों का नियमित रूप से जमीनी निरीक्षण करें और कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों को सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दें।