नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम में हुए नौका हादसे पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भारतीय दूतावास की ओर से हर संभव मदद पहुंचाने का उल्लेख किया। राजनाथ सिंह ने भी इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री के आधिकारिक एक्स हैंडल से उनका शोक संदेश जारी किया गया। जिसमें लिखा, "वियतनाम के फु क्वोक के पास भारतीय नागरिकों से जुड़ी दुखद नाव दुर्घटना की खबर से बेहद व्यथित हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।"

पीएम ने आगे कहा कि भारत का दूतावास और वाणिज्य दूतावास प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। भारतीय अधिकारी वियतनाम के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने भी वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से जुड़ी नाव दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से जुड़ी दुखद नाव दुर्घटना में कई अनमोल जिंदगियां जाने से मैं बेहद दुखी हूं। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और जारी खोज एवं बचाव अभियान की सफलता के लिए प्रार्थना करता हूं।"

उन्होंने भी एंबेसी की ओर से हर मुमकिन मदद पहुंचाने की कोशिश का जिक्र किया।

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव पलट गई थी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को बचाकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने बताया कि हादसे के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। बताया, "कुछ घंटे पहले फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव पलटने की दुखद घटना हुई है। स्थानीय प्रशासन द्वारा खोज एवं बचाव अभियान जारी है और घटना के सटीक विवरण जुटाए जा रहे हैं।"

पीड़ित परिवारों की सहायता और जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भारतीय वाणिज्य दूतावास (हो ची मिन्ह सिटी) में एक नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है। इसके अलावा हनोई में भी एक अलग नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।