भोपाल। मध्यप्रदेश के रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय भव्य कृषि मेले के समापन अवसर पर सोमवार को मध्य प्रदेश की सियासत गरमा गई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें मेले में जाने से रोकने के लिए सरकार ने भारी पुलिस बल तैनात किया और उन्हें अनुमति नहीं दी। पटवारी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों से घबरा रही है।


मीडिया से चर्चा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि उनका मन मेले में जाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को देखने का था। उन्होंने पहले ही स्पष्ट किया था कि वे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुमति मिलने पर ही जाएंगे और इसके लिए उन्होंने पत्र भी लिखा था। पटवारी ने खुलासा किया कि सुबह उनके पास पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिसमें कहा गया कि सरकार नहीं चाहती कि वे मेले में आएं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मुझे रोकने के लिए रास्तों में हजारों की संख्या में पुलिस बल खड़ा कर दिया गया है, जैसे मैं कोई अपराधी हूँ।"


मेले के आयोजन पर सवाल उठाते हुए जीजू पटवारी ने कहा कि एक तरफ भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार चकाचौंध भरा आयोजन कर रही है, जिसमें आज नितिन गडकरी भी शामिल हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश का अन्नदाता मंडियों में लुट रहा है। उन्होंने दावा किया कि किसानों को गेहूं का सही दाम नहीं मिल रहा है और वे 2000 रुपये प्रति क्विंटल से भी कम में उपज बेचने को मजबूर हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब किसान भारी घाटे में है, तो ऐसे करोड़ों के आयोजनों का क्या औचित्य?


गौरतलब है कि रायसेन के घटनाक्रम के बीच जीतू पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से भी मुलाकात की। इस मुलाकात पर उन्होंने कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार मार्गदर्शन लेते रहते हैं। चर्चा के दौरान संगठन की मजबूती और आगामी राज्यसभा चुनाव पर रणनीति बनी। जीतू पटवारी ने आत्मविश्वास के साथ बड़ा बयान देते हुए कहा कि 5 लाख परसेंट हमारा कैंडिडेट राज्यसभा जाएगा। उन्होंने पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर किसानों की लड़ाई लड़ेगी।