अजयगढ़, मोहम्मद मुस्तकीन । अजयगढ़ क्षेत्र में संचालित निर्माणाधीन रूँझ परियोजना का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। विस्थापित आदिवासी परिवारों के उग्र आंदोलन के चलते परियोजना का कार्य कई दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास और कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है।


बताया जा रहा है कि सैकड़ों आदिवासी परिवार उचित मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक परियोजना का कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। आंदोलन के कारण निर्माण कार्य कर रही कंपनी को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।


केन-वेतवा लिंक परियोजना के बाद अब रूँझ परियोजना को लेकर भी विरोध तेज हो गया है। समाजसेवी अमित भटनागर ने विस्थापित आदिवासियों के समर्थन में आंदोलन किया था और प्रशासन को चेतावनी दी थी कि विस्थापितों को उचित मुआवजा दिए बिना परियोजना का काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।


इसी बीच आंदोलन में शामिल होने जा रहे समाजसेवी अमित भटनागर सहित कई लोगों को प्रशासन द्वारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई है। क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि प्रशासन परियोजना का रुका हुआ काम शुरू कराने और आंदोलन को समाप्त कराने के प्रयास में जुटा है।


हालांकि गिरफ्तारी के बाद भी आंदोलन थमता नजर नहीं आया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जैसे ही प्रशासन ने परियोजना का कार्य शुरू कराने का प्रयास किया, वैसे ही बड़ी संख्या में महिलाएं और प्रदर्शनकारी मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया। परियोजना का कार्य बंद कराने के लिए सैकड़ों महिलाएं दौड़ती नजर आईं, जबकि पुलिस बल भी प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए उनके पीछे दौड़ता दिखाई दिया। पूरे दिन परियोजना क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील रहा और स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।