अयोध्या। राम मंदिर चंढ़ावा चोरी पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। इस मामले पर जमकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। बैठक में श्री राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े लगभग सभी पदाधिकारी शामिल होने वाले हैं। इस मामले पर श्री राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में विशेष रूप से आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने कहा कि सभी को इसको लेकर सूचना दे दी गई है।

गोपाल राव ने अयोध्या में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि 6 जुलाई को तीन बजे मंदिर परिसर में बैठक होने वाली है। सभी 14 सदस्यों को इसकी सूचना दे दी गई है। सभी से भाग लेने की अपील की गई है।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य हैं और सभी को निमंत्रण दिया गया है। उम्मीद है कि सभी सदस्य इसमें शामिल होंगे।

गोपाल राव ने यह भी बताया कि बैठक की अध्यक्षता श्री राम मंदिर जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास करेंगे।

वहीं, मंदिर में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाने वाले और विपक्ष के नेताओं को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अगर उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं, तो वे चल रही जांच में मदद कर सकते हैं।

विहिप प्रमुख की यह प्रतिक्रिया राम मंदिर में हेराफेरी के मामले की जांच कर रहे अधिकारी को लिखे गए उनके पत्र के मामले में आई। उन्होंने एक पत्र लिखकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव समेत कई विपक्षी नेताओं के आरोपों की जांच की मांग की है।

आईएएनएस से बात करते हुए आलोक कुमार ने कहा, "जिन लोगों के बारे में मैंने लिखा है, वे प्रभावशाली और ऊंचे पदों पर बैठे लोग हैं; इसलिए मुझे लगा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा है (खासकर सार्वजनिक रूप से) उसके पीछे कोई आधार हो सकता है और उन्हें मामले के तथ्यों की जानकारी हो सकती है।"

विपक्ष की ओर से चढ़ावे को लेकर "20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा गायब हैं" के आरोपों पर उन्होंने कहा, "हमें मिली जानकारी के मुताबिक, इतनी रकम तो मिली ही नहीं थी।"