वृंदावन। देश-दुनिया में अपनी आध्यात्मिक देशनाओं और भजनों के लिए विख्यात वृंदावन के संत पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज की हर सुबह होने वाली प्रसिद्ध 'पदयात्रा' को आगामी आदेश तक अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया गया है। आश्रम प्रशासन द्वारा अचानक लिए गए इस निर्णय के बाद वृंदावन पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं और देश-विदेश में मौजूद उनके भक्तों में मायूसी छा गई है।


केली कुंज से सौभरी कुंड तक निकलती थी यात्रा

संत प्रेमानंद जी महाराज की यह पदयात्रा हर सुबह तड़के केली कुंज स्थित उनके आश्रम से सौभरी कुंड तक के लिए निकलती थी। इस दौरान महाराज जी के दर्शन (पद रज दर्शन) पाने के लिए हर दिन मार्ग के दोनों ओर लाखों भक्तों का हुजूम उमड़ता था। देश के कोने-कोने से लोग केवल कुछ सेकंड के लिए महाराज जी की एक झलक पाने और उनके दर्शन कर आशीर्वाद लेने के लिए रात-रात भर सड़कों पर इंतजार करते थे।


माइक से की गई घोषणा, कारण अभी स्पष्ट नहीं

पदयात्रा बंद होने की आधिकारिक सूचना शनिवार (या आज) सुबह आश्रम प्रबंधन की ओर से बकायदा माइक के जरिए लाउडस्पीकर पर श्रद्धालुओं को दी गई। जैसे ही लाउडस्पीकर से यह घोषणा हुई, वहाँ मौजूद हजारों भक्तों की आँखें नम हो गईं। फिलहाल आश्रम प्रशासन की ओर से इस पदयात्रा को अचानक रोकने का कोई ठोस या स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, जिससे तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।


अगली सूचना का इंतजार, भक्तों को बहाली की उम्मीद

फिलहाल, देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को अब आश्रम प्रशासन की ओर से जारी होने वाली अगली आधिकारिक सूचना या गाइडलाइन का इंतजार है। हालांकि, पदयात्रा बंद होने के बावजूद भक्तों को पूरी उम्मीद है कि स्थितियां अनुकूल और सामान्य होने के बाद संत प्रेमानंद महाराज की यह दिव्य पदयात्रा एक बार फिर से शुरू होगी, जिससे उन्हें दोबारा अपने आराध्य के दर्शन और सत्संग लाभ प्राप्त करने का सौभाग्य मिल सकेगा।