भोपाल: नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने भाजपा शासन में मध्यप्रदेश के किसानों के नाम पर चल रहे बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। यूपी से 2000 रुपये प्रति क्विंटल में गेहूं खरीदकर मध्यप्रदेश में 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचने का मामला सामने आया है।
सिंघार ने आरोप लगाया कि मुरैना, भिंड और राजगढ़ जिलों में 59 फर्जी किसानों ने 18,388 क्विंटल गेहूं बेचकर 4.82 करोड़ रुपये का भुगतान हासिल कर लिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक अपराध शाखा (EOW) जांच कर रही थी, फिर भी फर्जी किसानों को करोड़ों रुपये का भुगतान जारी रहा।
"जांच एजेंसियों को फर्जीवाड़े की भनक थी, फिर भी भुगतान किसके इशारे पर होता रहा?"
उमंग सिंघार ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोई साधारण गड़बड़ी नहीं, बल्कि संगठित सरकारी संरक्षण में चल रहा घोटाला प्रतीत होता है।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए मांग की कि पूरे मामले का संज्ञान लिया जाए, किसानों के नाम पर हुई इस लूट की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
"यह सिर्फ फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि किसानों के हक और जनता के पैसे की खुली लूट है," सिंघार ने कहा।
यह मामला मध्यप्रदेश की कृषि नीति और सरकारी खरीद प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। विपक्ष ने इसे भाजपा सरकार के किसान विरोधी रवैये का प्रमाण बताया है।

