श्रीनगर, 26 अप्रैल । श्रीनगर-लेह हाईवे पर लद्दाख के जोजिला दर्रे में हिमस्खलन के बाद वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि जोजिला में हिमस्खलन के बाद फंसे तीन ड्राइवरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। क्षतिग्रस्त वाहनों को भी निकालकर फिर से सड़क पर लाया गया है।
रविवार को द्रास सेक्टर के शैतानी नाला के पास हिमस्खलन हुआ। इस दौरान सोनमर्ग से कारगिल की ओर जा रहे दो टैंकर समेत कई वाहन इसकी चपेट में आ गए और सड़क से नीचे चले गए।
अधिकारियों ने बताया कि यूटीडीआरएफ कारगिल, द्रास पुलिस स्टेशन और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमों ने राहत अभियान चलाया और ड्राइवरों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना में प्रभावित वाहनों को भी बर्फ से बाहर निकाल लिया गया है।
फिलहाल, श्रीनगर-लेह हाईवे बंद है और सड़क को फिर से चालू करने के लिए बर्फ हटाने का काम जारी है। इस समय यह रास्ता बर्फबारी और हिमस्खलन के खतरे के कारण काफी संवेदनशील बना हुआ है।
गौरतलब है कि 27 मार्च को भी जोजिला दर्रे में एक अन्य हिमस्खलन में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 5 अन्य घायल हुए थे।
श्रीनगर-लेह हाईवे पर जोजिला दर्रा सबसे खतरनाक हिस्सों में से एक माना जाता है। पिछले 70 वर्षों में इस रास्ते पर कई हादसे हुए हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।
इस हाईवे को हर मौसम में चालू रखने और जोजिला दर्रे को बायपास करने के लिए यहां एक सुरंग (टनल) का निर्माण किया जा रहा है।
जोजिला टनल, जोजिला दर्रे के नीचे बन रही एक सुरंग है, जो जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग को लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास से जोड़ेगी।
यह सुरंग 9.5 मीटर चौड़ी, 7.57 मीटर ऊंची और 14.2 किलोमीटर लंबी होगी। यह घोड़े की नाल के आकार की सिंगल-ट्यूब, दो-लेन सड़क सुरंग होगी, जो समुद्र तल से करीब 12,000 फीट की ऊंचाई पर बनाई जा रही है।
इस सुरंग को पास की जेड-मोढ़ टनल के साथ मिलाकर श्रीनगर-लेह नेशनल हाईवे पर लद्दाख को देश के बाकी हिस्सों से पूरे साल हर मौसम में जोड़ने की सुविधा मिलेगी।

