भोपाल | राजधानी भोपाल में नशीली दवाओं और अवैध मादक पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। एसटीएफ की टीम ने मुबारकपुर इलाके के एक संदिग्ध मकान पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारकर भारी मात्रा में कोडीनयुक्त (Codeine-based) नशीली कफ सिरप का जखीरा बरामद किया है। मौके से 22,155 बोतल OFF-KUFF और 970 बोतल ONREX कफ सिरप जब्त की गई है। इसके साथ ही फैक्टरीनुमा इस ठिकाने से करीब 4,000 खाली बोतलें और रैपर भी बरामद हुए हैं, जिनका उपयोग दवाओं की री-पैकिंग और लेबलिंग बदलने के लिए किया जा रहा था।
गांधी नगर के आरोपियों ने उगला राज, दिल्ली से जुड़ा है नेटवर्क
एसटीएफ के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बड़े ठिकाने का सुराग हाल ही में गांधी नगर इलाके से पकड़े गए नशीली दवाओं के तस्करों से पूछताछ के दौरान मिला था।
चौंकाने वाला मोडस ऑपेरंडी (काम करने का तरीका):
जांच में सामने आया है कि यह अंतरराज्यीय गिरोह दिल्ली से बेहद गुप्त तरीके से भारी मात्रा में कफ सिरप की खेप भोपाल मंगवाता था। इसके बाद पकड़े जाने के डर से और दवाओं की असली पहचान छिपाने के लिए बोतलों पर दर्ज बैच नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट (निर्माण तिथि) और एक्सपायरी डेट को रसायनों से मिटाकर नए फर्जी रैपर चिपका दिए जाते थे। इस हेरफेर के बाद कफ सिरप को ऊंचे दामों पर नशेड़ियों और खुदरा सप्लायरों को बेचा जाता था।
लाखों में है कीमत, युवाओं को बनाया जा रहा था निशाना
बाजार में प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप की एक बोतल की कीमत करीब 201 रुपये आंकी गई है। इस लिहाज से जब्त की गई कुल खेप की कीमत 46 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। चिकित्सीय विशेषज्ञों के अनुसार, कोडीन फॉस्फेट एक नशीला तत्व है, जिसका अत्यधिक सेवन युवाओं को गंभीर लत का शिकार बना देता है। यही कारण है कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत इसकी बिक्री बिना डॉक्टर के वैध पर्चे (Prescription) के पूरी तरह प्रतिबंधित है। आरोपी इस नियम को दरकिनार कर इसे सीधे नशे के रूप में खपा रहे थे।
तीन आरोपी फरार; पकड़ने के लिए बनीं 5 स्पेशल टीमें
एसटीएफ ने इस मामले में एनडीपीएस (NDPS) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज कर लिया है। रैकेट से जुड़े तीन मुख्य आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
सप्लाई चेन खंगाल रही पुलिस: फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ ने 5 विशेष टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है।
आर्थिक पक्ष की जांच: जांच एजेंसी अब इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन, परिवहन के साधनों, मुख्य गोदामों और सबसे महत्वपूर्ण इसके वित्तीय लेन-देन (मनी ट्रेल) को खंगाल रही है, ताकि इस अवैध कारोबार के फाइनेंसर्स का पता लगाया जा सके।
एसटीएफ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर में नशीली दवाओं के अवैध खेल को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया जाएगा। साथ ही, दवा विक्रेताओं को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे बिना पर्ची के ऐसी प्रतिबंधित दवाएं न बेचें।




