चेन्नई, 13 मई । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में फ्लोर टेस्ट पास करने के बाद आधिकारिक बयान जारी किया है। इस बयान में जनता और नेताओं के प्रति आभार जताते हुए डीएमके पर निशाना साधा गया है। वहीं, टीवीके सरकार के रास्ते में बाधा न बनने के डीएमके बयान को 'उदार' ढोंग बताया गया है।
मुख्यमंत्री विजय की ओर एक्स पर पोस्ट किया गया, "आज विधानसभा में जन कल्याण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री के रूप में मैंने 'जन सरकार-हमारी सरकार' के लिए विश्वास प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव पर बहस हुई। विधानसभा में विभिन्न दलों ने सरकार के समर्थन और विरोध में अपनी बात रखी। कुछ ने तटस्थ रहना चुना, जबकि कुछ सदन से बाहर चले गए। विश्वास प्रस्ताव के समर्थन और विरोध को दर्ज करने के लिए सदन में मतगणना की गई।"
मतदान के अनुसार, विश्वास व्यक्त करने वाले विधायकों की संख्या 144 है। विरोध करने वालों की संख्या 22 है। तटस्थ रहने वालों की संख्या 5 है और 60 विधायकों ने मतदान नहीं किया। इसके बाद अध्यक्ष ने घोषणा की कि जनसमर्थित तमिलनाडु सरकार ने विश्वास प्रस्ताव में शानदार जीत हासिल की है।
हम उन सभी विधानसभा सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमारी जन सरकार पर भरोसा जताया और हमें वोट दिया। इसी प्रकार, हम उन सभी आंदोलनों के नेताओं को भी एक बार फिर धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने हमारा समर्थन किया।
विधानसभा की कार्यवाही के सीधे प्रसारण के दौरान हमने कुछ भी नहीं छिपाया या दबाया, जैसा कि सत्ताधारी दल के समर्थन में प्रदर्शन करने या विपक्ष को देखने से रोकने के लिए प्रसारण को बाधित करने की प्रथा में होता है। आज के सीधे प्रसारण में पूरी दुनिया ने जो कुछ भी देखा, वह हमारी पारदर्शिता का ठोस प्रमाण है।
विजय ने आगे कहा कि जनता के प्राथमिक और सच्चे प्रतिनिधि होने के नाते, यह हमारा कर्तव्य है कि हम तमिलनाडु के सभी लोगों, अपने सगे-संबंधियों को कुछ स्पष्टीकरण दें। विपक्ष के नेता ने अपने हमेशा के अंदाज में वही घिसा-पिटा तर्क दिया कि हमें तमिलनाडु की अधिकांश जनता का समर्थन नहीं मिला। तमिलनाडुवासियों ने 2006 की डीएमके सरकार को याद करके मुस्कुराया होगा, जिसने 234 सीटों पर 100 फीसदी वोट हासिल करके 'बहुमत सरकार' बनाने का दावा किया था।
विजय चुनाव में अपनी पार्टी और डीएमके के प्राप्त वोटों के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि टीवीके को 34.92 फीसदी वोट मिले हैं। वहीं, डीएमके ने कुछ सीटें अपने गठबंधन सहयोगियों के वोटों के दम पर जीतीं। डीएमके का व्यक्तिगत वोट प्रतिशत मात्र 24.19 फीसदी है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमारे धर्मनिरपेक्ष रुख पर अडिग रहने के कारण ही कांग्रेस, वी.सी.के., सीपीआई, सीपीआई(एम) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने हमारी सरकार का समर्थन किया। मुझे समझ नहीं आता कि डीएमके ने किस तर्क से इसका भी मजाक उड़ाया है। यह हम आपके विवेक और निर्णय पर छोड़ते हैं। देश भर में चल रही उस कहानी का फैसला भी हम देश की जनता पर छोड़ते हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि डीएमके का 'सभ्य' रूप उन हथकंडों से बेनकाब हो गया, जिनका इस्तेमाल उन्होंने जनता के समर्थन वाली सबसे बड़ी पार्टी, टीवीके को सरकार बनाने से रोकने के लिए किया। इसके अलावा, टीवीके सरकार के रास्ते में बाधा न बनने का उनका 'उदार' ढोंग भी एक तरह का घिसा-पिटा बयान है।

