छतरपुर, संजय अवस्थी। छतरपुर शहर में ध्वस्त होती यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल एक-एक कर बंद होते जा रहे हैं। छत्रसाल चौराहा और पन्ना नाका पर सालों से बंद पड़े सिग्नलों के बाद अब आकाशवाणी तिराहे पर चालू सिग्नल भी पिछले कुछ दिनों से पूरी तरह ठप पड़े हैं। सिग्नल बंद होने के कारण चौराहे पर दिनभर अव्यवस्था का माहौल बना रहता है। स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन यातायात विभाग और नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
आकाशवाणी तिराहे पर बढ़ी हादसों की आशंका
स्थानीय राहगीरों और वाहन चालकों के अनुसार, जब तक आकाशवाणी तिराहे के सिग्नल चालू थे, तब तक चारों तरफ से आने-जाने वाले वाहन क्रमबद्ध और सुगमता से निकलते थे। सिग्नल व्यवस्था बंद होने के बाद से अब हर कोई पहले निकलने की होड़ में लगा रहता है, जिससे वाहनों के आपस में टकराने और सड़क हादसों का खतरा काफी बढ़ गया है। अक्सर चौराहों पर वाहनों के आमने-सामने आ जाने से घंटों तक जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है।
छत्रसाल चौराहा और पन्ना नाका पर सालों से नहीं सुधरे हालात
शहर के सबसे व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्रों में शुमार छत्रसाल चौराहा और पन्ना नाका पर लगे ट्रैफिक सिग्नल सालों से शो-पीस बने हुए हैं। इन मुख्य चौराहों पर प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहनों का दबाव रहता है। इन स्थानों पर सिग्नल बंद होने के कारण आए दिन भीषण जाम लगता है, जिससे एम्बुलेंस, स्कूली बसों और आम राहगीरों को भारी मशक्कत करनी पड़ती है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा नए सिग्नल तो लगा दिए जाते हैं, लेकिन उनके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता।
स्थानीय नागरिकों ने उठाई सिग्नल तुरंत चालू कराने की मांग
क्षेत्रीय निवासियों और राहगीरों ने प्रशासनिक अधिकारियों से जल्द से जल्द संज्ञान लेने की अपील की है। नागरिकों की मांग है कि आकाशवाणी तिराहे के साथ-साथ छत्रसाल चौराहा और पन्ना नाका के बंद पड़े सिग्नलों को भी तत्काल दुरुस्त कर चालू कराया जाए। अब देखना यह होगा कि नगर पालिका और यातायात पुलिस विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक सुध लेता है और शहरवासियों को इस ट्रैफिक जाम की समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।




