मुंबई, 13 मई । महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला राज्य के लिए जनसेवा का आदर्श उदाहरण पेश करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।सीएम देवेंद्र फडणवीस ने प्रत्येक अखाड़े के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की, ताकि अखाड़ों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसके अलावा, छोटे संस्थानों को 15-15 लाख रुपए देने, अखाड़ों के बिजली बिल प्राधिकरण के जरिए भरने और यदि अखाड़ों की जमीन सरकारी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित होती है तो मुआवजा या वैकल्पिक जमीन देने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री सिंहस्थ कुंभ मेले की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संतों, महंतों और दुनिया भर से आने वाले श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में कुंभ मेले का आयोजन भव्य और आध्यात्मिक तरीके से किया जाएगा।

सीएम फडणवीस ने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन को लेकर संतों और महंतों द्वारा दिए गए सुझाव बेहद महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि संतों और महंतों ने अब तक चल रहे कार्यों की सराहना की, साथ ही कई परियोजनाओं को तेजी और बेहतर तरीके से पूरा करने के सुझाव भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विस्तृत चर्चाओं से कुंभ मेले के सफल आयोजन में मदद मिलेगी और इसके लिए व्यापक योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है।

सीएम ने कहा कि आगामी कुंभ मेले की तैयारियां केवल अगले साल के आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि 12 साल बाद होने वाले अगले कुंभ मेले को ध्यान में रखकर भी की जा रही हैं।

उन्होंने बताया कि नासिक और त्र्यंबकेश्वर में स्थायी बुनियादी ढांचे और विकास कार्य तैयार किए जा रहे हैं, जिनका भविष्य में भी उपयोग होगा। कुंभ मेले का स्वरूप लगातार बड़ा होता जा रहा है, इसलिए दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है।

फडणवीस ने कहा कि त्र्यंबकेश्वर मंदिर भारत के सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंगों में से एक है और कुंभ मेला गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के पवित्र क्षेत्र में आयोजित किया जाता है।

श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए मंदिर परिसर के आसपास कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। नासिक में कुंडों, रामकुंड पथ, मंदिरों और गुफाओं के जीर्णोद्धार का काम भी जारी है। नासिक और त्र्यंबकेश्वर में आध्यात्मिक माहौल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कुंभ मेले के दौरान संतों, महंतों और श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए व्यापक स्वास्थ्य योजना भी तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखाड़ों को आवंटित जमीनों के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध लगाने पर भी विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पिछले कुंभ मेले की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं को गोदावरी नदी का कहीं ज्यादा स्वच्छ रूप देखने को मिलेगा, जिसके लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विश्वास जताया कि सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन बेहद भव्य तरीके से किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा तथा अखाड़ों की मांगों को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

एकनाथ शिंदे ने कहा कि अखाड़ों ने भरोसा दिलाया है कि कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अखाड़ों द्वारा दिए गए सुझाव सराहनीय हैं और सभी के सहयोग से आयोजन सफल होगा।

फिलहाल, कुंभ मेले के लिए 377 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। हालांकि, अखाड़ों ने अतिरिक्त जमीन की मांग की है और सरकार इस मांग पर सकारात्मक विचार कर रही है।

शिंदे ने भरोसा दिलाया कि कुंभ मेले के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी और बुनियादी ढांचे तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए जरूरी राशि तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार कुंभ मेले के आयोजन में किसी तरह की कमी नहीं रहने देगी।