अबू धाबी, 13 मई । संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने हिज्बुल्लाह से कथित संबंधों के आरोप में 21 लेबनानी लोगों और संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया है। यूएई की समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने इसकी जानकारी दी।
इस सूची में 16 लेबनानी नागरिक और पांच अन्य यूएई में मौजूद संगठन शामिल हैं। यूएई का आरोप है कि ये लोग और संगठन उन समूहों की मदद कर रहे थे जिन्हें आतंकी संगठन घोषित किया गया है।
डब्ल्यूएएम ने 16 लेबनानी नागरिकों और लेबनान स्थित उन पांच संगठनों के नाम भी प्रकाशित किए हैं, जिन्हें आतंकवादी संगठन समर्थकों की सूची में शामिल किया गया है। इन पांच संगठनों के नाम बैत अल-माल अल-मुस्लिमीन, अल-कर्द अल-हसन एसोसिएशन, अल तसहीलात कंपनी, द ऑडिटर्स फॉर अकाउंटिंग एंड ऑडिटिंग और अल-खोबरा फॉर अकाउंटिंग, ऑडिटिंग एंड स्टडीज (लेखा, लेखा-परीक्षण और अध्ययन संबंधी सेवाएं देने वाली संस्था) है।
सरकार ने देश की सभी नियामक एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे 24 घंटे के भीतर इन लोगों और संस्थाओं की पहचान करें और उनकी संपत्तियां फ्रीज करने समेत जरूरी कार्रवाई करें।
रिपोर्ट के अनुसार, यूएई में बड़ी संख्या में लेबनानी लोग रहते हैं। हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुए क्षेत्रीय युद्ध के दौरान यूएई ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का प्रमुख निशाना भी बना था।
ईरान समर्थित लेबनानी उग्रवादी संगठन हिज्बुल्लाह ने ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या का बदला लेने के लिए 2 मार्च को इजरायल पर हमले कर पश्चिम एशिया संघर्ष में प्रवेश किया था।
मार्च में ही अबू धाबी ने एक कथित “आतंकी नेटवर्क” के पांच सदस्यों की गिरफ्तारी की घोषणा की थी। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क हिज्बुल्लाह और उसके समर्थक ईरान से जुड़ा था और यूएई की वित्तीय स्थिरता को खतरे में डालने की योजना बना रहा था।
हालांकि, हिज्बुल्लाह ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि उसका यूएई में “किसी भी रूप, व्यावसायिक पहचान या किसी अन्य तरीके से कोई अस्तित्व नहीं है।”

