उज्जैन कृषि मंडी में मंगलवार सुबह यूरिया के लिए पहुंचे किसानों ने खाद की भारी किल्लत से नाराज होकर मंडी गेट पर ताला जड़ दिया और उज्जैन–आगर रोड पर चक्काजाम कर दिया। किसानों का कहना है कि वे तीन दिन से लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रहा है।

टोकन न मिलने पर भड़के किसान

जिले के अलग-अलग गांवों से आए किसान सुबह से ही यूरिया के लिए लाइन में लगे थे। किसानों का आरोप है कि रोजाना 300 किसानों को यूरिया देने के नियम के बावजूद सिर्फ 80 टोकन ही बांटे गए
इससे नाराज होकर 100 से ज्यादा किसानों ने मंडी गेट को बंद कर सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जाम में फंसे सैकड़ों वाहन

मंडी गेट पर किसानों के बैठने से उज्जैन–आगर रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। चौराहे पर सैकड़ों वाहन फंस गए और आवागमन घंटेभर प्रभावित रहा।

किसानों की दर्दभरी कहानी

धीरेन्द्र परमार ने बताया, “तीन दिन से आते हैं, लेकिन यूरिया नहीं मिलता। नियम 300 का है, पर टोकन 80 ही देते हैं।”

बांसखेड़ी के किसान जगदीश बोले, “रोज रोटी लेकर आते हैं, सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहते हैं… फिर भी खाली हाथ घर लौटना पड़ता है।”

पुलिस ने गेट खुलवाने की कोशिश की, किसान नहीं माने

मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को समझाकर गेट का ताला खोलने की कोशिश की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि जब तक टोकन और यूरिया वितरण में पारदर्शिता नहीं होगी, विरोध जारी रहेगा।

किसानों का प्रदर्शन जिला प्रशासन पर यूरिया संकट के प्रति गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।