छतरपुर। जिले में गेहूं उपार्जन व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। परिवहन व्यवस्था में भारी अव्यवस्था के चलते कई उपार्जन केंद्रों पर लगभग 50 प्रतिशत गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। डीएमओ की लापरवाही और परिवहन ठेकेदार की मनमानी के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
जानकारी के अनुसार शासन की गाइडलाइन के तहत तौल दिवस पर ही 90 प्रतिशत गेहूं का परिवहन किया जाना था, लेकिन जिले में इस व्यवस्था का पालन नहीं हो पा रहा है। हालत यह है कि घुवारा सेक्टर और छतरपुर सेक्टर के कई उपार्जन केंद्रों पर हजारों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। मौसम में बदलाव और आंधी-बारिश की आशंका के बीच किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है कि परिवहन एजेंसी की लापरवाही के चलते समय पर ट्रकों की व्यवस्था नहीं हो पा रही, जिससे उपार्जन केंद्रों पर अनाज का स्टॉक लगातार बढ़ता जा रहा है। कई केंद्रों पर जगह कम पड़ने लगी है और किसानों को अपनी उपज तौल कराने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में कलेक्टर द्वारा उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण उनकी फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

