भोपाल। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल ने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंचायत विभाग की स्थिति गंभीर है। मनरेगा का नाम बदलकर 'जी राम जी' करना महात्मा गांधी का अपमान है। उनके विचारों को पूरी दुनिया मानती है।
पटेल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंचायतों को अधिकार दिए थे। मनरेगा योजना से ग्रामीणों को रोजगार मिला। गांवों में सड़कें, स्टॉप डैम, तालाब बने। लाखों लोग आर्थिक रूप से मजबूत हुए। लेकिन नाम बदलने से कुछ नहीं होगा। यह सिर्फ गांधी जी का अपमान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पंचायत विभाग की योजनाओं में पैसा नहीं दे रही है। कई योजनाओं का नाम गिनाते हुए कहा कि इनमें फंड बंद हो गया है। सरकार अब पंचायतों और किसानों पर ध्यान नहीं दे रही। सिर्फ उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। बड़े व्यापारिक घरानों को सिंगरौली में स्थापित करने की कोशिश हो रही है। सरकार दो साल की उपलब्धियां गिनाती है, लेकिन जनता हकीकत जानती है।

पूर्व पंचायत मंत्री कमलेश्वर पटेल
पटेल ने कहा कि भाजपा को गांधी जी से चिढ़ है। महात्मा गांधी ग्राम सेवा केंद्र का नाम बदलकर 'अटल ई-सेवा केंद्र' कर दिया। यह नाम बदलने की राजनीति नहीं, बल्कि गांधी जी और भगवान राम के नाम का अपमान है। आधा-अधूरा नाम रखकर जनता को गुमराह क्यों कर रहे हैं? यह भगवान रामचंद्र जी का भी अपमान है।
उन्होंने चुनौती दी कि जो नाम रखा है, उसका पूरा नाम बताएं। भगवान राम के नाम पर राजनीति और झूठा दिखावा कर रहे हैं। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करेगी।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार की ग्रामीण विकास नीतियों पर कांग्रेस के बढ़ते हमले का हिस्सा है। पटेल ने कहा कि सरकार किसानों की बजाय उद्योगपतियों पर फोकस कर रही है। अब देखना है कि सरकार इस पर क्या जवाब देती है।
