पन्ना। मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पन्ना टाइगर रिजर्व में वन संरक्षण कार्य में लगे दो कर्मियों पर अवैध सागौन कटाई रोकने गए दौरान आधा दर्जन हमलावरों ने कुल्हाड़ी, लाठी और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना में दोनों वनकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
घटना 26 दिसंबर 2025 की रात की है। पन्ना टाइगर रिजर्व की गुमानगंज बीट में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई और इमारती लकड़ी ले जाने की गुप्त सूचना मिलने पर बीट गार्ड दिनेश कुमार चक्रवर्ती और सुरक्षा श्रमिक चेला यादव मौके पर पहुंचे थे।जैसे ही वे घटनास्थल पर पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और उन पर अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों के साथ-साथ कुल्हाड़ी का भी इस्तेमाल किया।
इस हमले में बीट गार्ड दिनेश कुमार चक्रवर्ती के हाथ में फ्रैक्चर हो गया तथा आंख के पास गंभीर चोट आई। वहीं सुरक्षा श्रमिक चेला यादव के हाथ में कुल्हाड़ी लगने से गहरा घाव हो गया। दोनों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें पहले अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पन्ना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों का इलाज पन्ना जिला अस्पताल में चल रहा है।
सूचना मिलते ही वन विभाग की अन्य टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। वन विभाग की शिकायत पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
इस घटना से वनकर्मियों में भारी रोष व्याप्त है। टाइगर रिजर्व जैसे अति संवेदनशील और संरक्षित क्षेत्र में लगातार हो रही ऐसी वारदातें वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और बल के साथ गश्त करना अब जोखिम भरा हो गया है।वन विभाग के अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का आश्वासन दिया है।

