वेतन के लिए 'ज्वालामुखी' बने मजदूर: पाथाखेड़ा GM ऑफिस पर जोरदार प्रदर्शन; आत्मदाह की चेतावनी

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बैतूल (सुरेन्द्र बावने)। बैतूल के सारनी पाथाखेड़ा क्षेत्र की तीनों खदानों में काम करने वाले मजदूरों का धैर्य अब जवाब दे गया है। पिछले कई महीनों से बकाया वेतन को लेकर मजदूरों का आक्रोश सोमवार को जीएम (GM) ऑफिस के मुख्य द्वार पर फूट पड़ा। 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'हमारा वेतन हमें दो' के नारों से पूरा परिसर गूँज उठा। मजदूरों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि होली के त्योहार से पहले उनके पसीने की कमाई का भुगतान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन निर्णायक और उग्र रूप लेगा।
आंदोलन के दौरान सात श्रमिकों के साथ दो महिला मजदूरों का एक प्रतिनिधिमंडल प्रबंधन से चर्चा करने पहुँचा। वार्ता के दौरान महिला श्रमिकों ने न केवल वेतन बकाया होने का मुद्दा उठाया, बल्कि कार्यस्थल पर उनके साथ होने वाले कथित दुर्व्यवहार और अत्याचारों की दास्तां भी सुनाई। उनकी पीड़ा सुनकर वहां मौजूद अधिकारियों के बीच भी सन्नाटा पसर गया। महिलाओं के इस संघर्ष ने पूरे आंदोलन को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
मजदूरों के भारी दबाव को देखते हुए प्रबंधन की ओर से एपीएम ललित प्रसाद तिर्की ने मोर्चा संभाला। उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित ठेकेदारों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रबंधन ने ईमेल और लिखित पत्र के माध्यम से आदेश दिया है कि बकायेदार मजदूरों का पूर्ण वेतन निर्धारित अंतिम तिथि तक उनके बैंक खातों में जमा किया जाए। यदि इसमें कोताही बरती गई, तो ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
CM हेल्पलाइन का सहारा और 'आर-पार' की जंग
मजदूर अब केवल आश्वासनों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। अपनी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुँचाने के लिए दर्जनों मजदूरों ने 181 (CM हेल्पलाइन) पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका मानना है कि शासन के हस्तक्षेप से ही ठेकेदारों और प्रबंधन की मनमानी पर लगाम लगेगी।
अंतिम चेतावनी: "होली पर वेतन नहीं तो आत्महत्या"
आंदोलनकारी नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि होली से पूर्व संपूर्ण भुगतान नहीं हुआ, तो मजदूर परिवारों सहित सड़क पर उतरेंगे। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक मजदूर ने अत्यंत आक्रोशित होकर यहाँ तक कह दिया कि यदि होली का त्योहार अंधेरे में बीता, तो वह जीएम ऑफिस के गेट पर आत्महत्या करने को मजबूर होगा। मजदूर संगठनों ने घोषणा की है कि न्याय न मिलने की स्थिति में होली के तुरंत बाद जिला कलेक्टर के समक्ष सामूहिक शिकायत दर्ज कर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।


