छतरपुर, शिवाकांत मिश्रा। जिले के ईशानगर क्षेत्र स्थित श्री करधइयन सरकार राम नाम धाम एवं सिद्ध गुरु पर्वत इन दिनों आस्था, तप और सनातन साधना का केंद्र बने हुए हैं। यहां पूज्य गुरु महामंडलेश्वर दीनबंधु दास मौनी महाराज विश्व कल्याण, धर्म रक्षा और राष्ट्र उत्थान के संकल्प के साथ कठोर तपस्या में लीन हैं। तपस्या प्रारंभ करने से पूर्व उन्होंने दशरथी नदी में विधि-विधान से स्नान कर वसुधैव कुटुंबकम, विश्व शांति और धर्म संरक्षण का संकल्प दोहराया।


धाम पर आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के बीच भविष्य में होने वाले 11,111 कुंडीय विश्वव्यापी श्रीराम महायज्ञ की तैयारियों का भी आध्यात्मिक शुभारंभ किया गया है। बताया जाता है कि मौनी महाराज ने तीन वर्ष पूर्व यह प्रण लिया था कि महायज्ञ की पूर्णाहुति तक वे अन्न और फल का सेवन नहीं करेंगे। वर्तमान में वे केवल दूध और पानी ग्रहण कर मौन व्रत के साथ तपस्या कर रहे हैं।


श्रद्धालुओं के अनुसार गुरु महाराज ने पूर्व में शरद ऋतु के दौरान भूमि के भीतर रहकर साधना की थी, वहीं अब भीषण 47 डिग्री तापमान में सिद्ध गुरु पर्वत पर मचान पर बैठकर तप कर रहे हैं। उनका यह त्याग और साधना क्षेत्र में श्रद्धा और आकर्षण का विषय बनी हुई है।


मौनी महाराज ने बताया कि प्रस्तावित 11,111 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ विश्व शांति, राष्ट्र रक्षा तथा देश के अमर शहीदों की स्मृति को समर्पित होगा। उनका उद्देश्य राष्ट्र की सुरक्षा, सनातन संस्कृति के संरक्षण और रामराज्य की भावना को मजबूत करना है। इसके साथ ही सिद्ध बाबा धाम में गौशाला निर्माण का संकल्प भी लिया गया है, जिसे शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


धाम प्रबंधन ने श्रद्धालुओं एवं सनातन धर्म प्रेमियों से इस महाअभियान में सहभागिता और सहयोग की अपील की है, ताकि धर्म, गौसेवा और राष्ट्र कल्याण के इस संकल्प को व्यापक जनसमर्थन मिल सके।