भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान आयोजित 7वें अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन (7th International Energy Conference) में सहभागिता की। इस वैश्विक मंच पर उन्होंने मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति, सौर और हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में जारी नवाचारों तथा राज्य के भविष्य के रोडमैप का एक व्यापक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख 'ग्रीन एनर्जी हब' के रूप में रेखांकित करते हुए वैश्विक निवेशकों को राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया।


भूटान के ऊर्जा मंत्री एच.ई. ल्योनपो जेम त्शेरिंग से सौजन्य भेंट

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन के इतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री एच.ई. ल्योनपो जेम त्शेरिंग (H.E. Lyonpo Gem Tshering) से सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के आदान-प्रदान और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को लेकर विचार-विमर्श हुआ। मध्य प्रदेश और भूटान के बीच जलविद्युत व हरित ऊर्जा क्षेत्र में संभावित सहयोग और ज्ञान-साझाकरण (Knowledge Sharing) के अवसरों पर भी सकारात्मक बात हुई।


अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां

प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की प्रमुख ऊर्जा उपलब्धियों और आगामी योजनाओं को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समक्ष रखा: रीवा मेगा सोलर प्रोजेक्ट सहित प्रदेश में संचालित वृहद सौर परियोजनाओं और फ्लोटिंग सोलर प्लांट (Floating Solar Plant) की सफलता का ब्योरा दिया। राज्य सरकार द्वारा ग्रीन हाइड्रोजन नीति और स्वच्छ ऊर्जा प्रोत्साहन योजनाओं के जरिए कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को रेखांकित किया। मध्य प्रदेश में बिजली की सरप्लस उपलब्धता, मजबूत ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेशकों के लिए सुगम नीतियों (Ease of Doing Business) की जानकारी दी।