मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में 'दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी' के तहत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने जा रहे विपक्षी दलों और कांग्रेस के नेताओं पर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे कांग्रेस के कई जिला अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। करीब 12 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद उन्हें रिहा किया गया।
होटल से पकड़े गए तीन जिला कांग्रेस अध्यक्ष और 50 कार्यकर्ता
जिला कांग्रेस के मीडिया प्रभारी हरीश पाठक ने जानकारी दी कि इस मार्च में शामिल होने के लिए मुरैना और आसपास के जिलों के नेता जुटे थे: मुरैना ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजेंद्र जाटव और भिंड शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया दिल्ली रवाना होने के लिए रविवार रात मुरैना के एक होटल में ठहरे हुए थे। योजना के मुताबिक, भिंड और मुरैना के कार्यकर्ताओं को सोमवार सुबह करीब चार बजे 70 से 80 वाहनों के काफिले के साथ दिल्ली के लिए निकलना था। जिला कांग्रेस के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे ही भारी पुलिस बल होटल पहुंच गया। पुलिस ने तीनों जिला कांग्रेस अध्यक्षों समेत लगभग 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर बैठा दिया। करीब 12 घंटे की नजरबंदी के बाद उन्हें छोड़ा गया।
पुलिस को चकमा देकर दिल्ली रवाना हुए कई कार्यकर्ता
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें और कार्यकर्ताओं को लोकतांत्रिक तरीके से दिल्ली जाने से रोकने का पूरा प्रयास किया। हालांकि, इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई के बीच एक सैकड़ा से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता सुरक्षा बलों को चकमा देकर सुबह ही दिल्ली के लिए रवाना होने में सफल रहे।













