सतना, सजल कुमार रजक: धर्म परिवर्तन से जुड़े सनसनीखेज मामले में गिरफ्तार की गईं माध्यमिक शिक्षिका रेनू समुद्रे पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई नियमानुसार 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत या जेल में रहने के प्रावधान के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नागौद निर्धारित किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

सतना शहर के टिकुरिया टोला क्षेत्र में एक युवक, जो गंभीर बीमारी, बेरोजगारी और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहा था, उसे बेहतर स्वास्थ्य, नौकरी और घर का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने का मामला सामने आया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षिका रेनू समुद्रे सहित तीन लोगों (कंचन महतो और ईशू समुद्रे) के खिलाफ संगीन धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।

शिक्षा विभाग का कड़ा प्रशासनिक ऐक्शन

सरकारी नियमों के अनुसार, यदि कोई शासकीय कर्मचारी 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत या जेल में रहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से निलंबित किया जाना होता है। इस मामले में निर्धारित समयावधि पूरी होने के बाद, शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षिका के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। निलंबन काल के दौरान उन्हें नागौद मुख्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।