धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुर तहसील अंतर्गत भोपावर चौकी के पास सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही 50 से अधिक यात्रियों से भरी एक निजी स्लीपर बस (UP 83 BT 3947) में अचानक भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि यात्रियों ने सूझबूझ दिखाते हुए खिड़कियों के कांच तोड़कर समय रहते बाहर छलांग लगा दी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
रात 1 बजे हुआ हादसा
सरदारपुर थाना प्रभारी अनिल जाधव और एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार के अनुसार, घटना रात करीब 1:00 से 1:30 बजे के बीच की है। प्राथमिक जांच में बस के इंजन में अत्यधिक गर्मी (हीट) बढ़ने से आग लगने का अंदेशा जताया जा रहा है। बस जैसे ही भोपावर चौकी के पास पहुंची, केबिन और अंदर के हिस्से में अचानक घना धुआं भरने लगा। आग भड़कते ही बस का चालक वाहन को सड़क के बीचों-बीच छोड़कर मौके से फरार हो गया। आगे के हिस्से में बैठे लोग मुख्य दरवाजे से बाहर भागे, जबकि पीछे बैठे यात्रियों ने आपातकालीन स्थिति में खिड़कियों के कांच तोड़कर खुद को और अपने बच्चों को बाहर निकाला।
दाहोद में 4 घंटे रुकी थी बस, कराई गई थी मरम्मत
यात्रियों के अनुसार, सफर के दौरान दाहोद के पास बस को एक होटल पर लगभग 4 घंटे तक रोका गया था। वहाँ बस में आई किसी तकनीकी खराबी की मरम्मत (Repairing) कराई गई थी। मरम्मत के बाद बस रवाना हुई और कुछ ही दूरी तय करने के बाद उसमें आग लग गई। हादसे में यात्रियों के बैग, मोबाइल, नकदी और आभूषण बस के अंदर ही जलकर राख हो गए।कानपुर निवासी यात्री नीलम पाल ने बताया कि उन्होंने पहले अपने 8 वर्षीय बेटे को सुरक्षित खिड़की से बाहर निकाला और फिर खुद कूदकर अपनी जान बचाई।
प्रशासन ने कराया यात्रियों का रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही सरदारपुर पुलिस और दमकल (Fire Brigade) की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। जब तक आग पर काबू पाया जाता, पूरी बस जलकर स्वाहा हो चुकी थी। पुलिस ने सड़क के एक तरफ के ट्रैफिक को डायवर्ट कराया और मामूली रूप से घायल हुए यात्रियों का प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद इंदौर की ओर जा रही अन्य बसों को रुकवाकर सभी यात्रियों को उनके गंतव्य (कानपुर व अन्य स्टेशनों) के लिए रवाना किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।




