विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा से राजस्थान के कोटा शहर के बीच आवागमन को सुगम और तेज बनाने के लिए एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने विदिशा-कोटा एक्सप्रेस-वे के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। फिलहाल इस एक्सप्रेस-वे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम शुरू हो गया है।


प्रमुख विशेषताएं और प्रोजेक्ट हाइलाइट्स

यह नया एक्सप्रेस-वे कोटा (राजस्थान) से शुरू होकर झालावाड़, अकलेरा, मकसूदनगढ़ और बैरसिया होते हुए विदिशा (मध्य प्रदेश) तक पहुंचेगा। 275 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर लगभग ₹5,500 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है (औसतन ₹20 करोड़ प्रति किलोमीटर)। इस वर्ष की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आगमन पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मार्ग की मांग रखी थी, जिस पर अब धरातल पर काम शुरू हो चुका है।


समय और दूरी में होगी बड़ी बचत

वर्तमान में दूरी 349 किलोमीटर है, जो नया एक्सप्रेस-वे बनने के बाद घटकर 275 किलोमीटर रह जाएगी (लगभग 75 किलोमीटर की कमी)। वर्तमान में सफर में 7 घंटे 40 मिनट लगते हैं, जबकि एक्सप्रेस-वे बनने के बाद अधिकतम 4 घंटे 30 मिनट का समय लगेगा (लगभग 3 घंटे की बचत)।


व्यापार और शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

कोटा देश का बड़ा एजुकेशन हब है। विदिशा और आसपास के जिलों के हज़ारों छात्रों को कोटा आने-जाने के लिए अब सीधी और सुरक्षित कनेक्टिविटी मिलेगी। मध्य प्रदेश और राजस्थान के कृषि व व्यापारिक क्षेत्रों के बीच माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स की गति तेज़ होगी, जिससे दोनों राज्यों के स्थानीय व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी।