चित्रकूट/सतना, अंबिका केशरी। धार्मिक नगरी चित्रकूट में शुक्रवार देर रात बिजली आपूर्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के आवास की बिजली सप्लाई बाधित होने पर नाराजगी में पूरे चित्रकूट नगर की विद्युत आपूर्ति बंद करा दी गई। इस घटना के बाद नगरवासियों में भारी आक्रोश फैल गया और सैकड़ों उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।


जानकारी के अनुसार चित्रकूट नगर में लगभग 19 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई थी। लोग राहत महसूस कर ही रहे थे कि अचानक फिर पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। जबकि आसपास के क्षेत्रों में बिजली सप्लाई सामान्य रूप से जारी रही। इससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि रजोला फीडर से एक प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में पूरे नगर की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई। वहीं बिजली कार्यालय के एक ऑपरेटर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर जज द्वारा दबाव बनाकर सप्लाई बंद कराने की बात कही जा रही है।


लगातार बिजली कटौती से पेयजल व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियां और घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुए। इससे नाराज बड़ी संख्या में उपभोक्ता रजोला फीडर स्थित विद्युत कार्यालय पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।


प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि बार-बार शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। देर रात तक जूनियर इंजीनियर (जेई) के नहीं पहुंचने से लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


हालांकि इस मामले में बिजली विभाग और संबंधित न्यायिक अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।