मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में एक महिला बैंककर्मी को लगातार परेशान करने, पीछा करने और निजी मैसेजेस भेजने के आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. राजन अहमद रिजवी (45) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही वह 12 दिनों से फरार चल रहा था और अलीगढ़ में अपने रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था। रविवार को मथुरा कोतवाली पुलिस और स्वाट (SWAT) टीम ने अलीगढ़ में छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। हालांकि, मथुरा कोर्ट में पेशी के बाद उसे जमानत मिल गई।


मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी पहचान, फिर प्राइवेट नंबर जुटाकर भेजने लगा आपत्तिजनक मैसेज

पीड़ित महिला मथुरा स्थित एक सरकारी बैंक में कस्टमर सर्विस एसोसिएट हैं और उनके पति मथुरा में ही वन विभाग में अधिकारी हैं। महिला के अनुसार, आरोपी सपा नेता (जो फैज-ए-आम डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर है) से उसकी पहचान मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी। इसके बाद आरोपी आए दिन बैंक आकर महिला को घूरने लगा और किसी तरह उनका प्राइवेट नंबर हासिल कर लिया। नंबर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने पर जब महिला ने विरोध कर नंबर ब्लॉक किया, तो आरोपी ने खुद को सपा का बड़ा नेता बताते हुए 'सपा सरकार बनने पर मुख्यमंत्री कोटे से डेपुटेशन के आधार पर IAS बनवाने' का ऑफर दिया।


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FIR में खुलासा: घर व गाड़ी की रेकी, बाउंसर और प्राइवेट एजेंसी से कराई जा रही थी जासूसी

महिला बैंककर्मी ने 16 सितंबर को मथुरा शहर कोतवाली में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 67 सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज कराई थी। FIR के प्रमुख बिंदु: आरोपी महिला के घर, परिवार, कुक और ड्राइवर के बारे में जानकारी जुटा रहा था। महिला की बैंक के बाहर खड़ी गाड़ी और उसकी गुप्त रूप से तस्वीरें ली गईं। पीड़िता के पति के वन विभाग के कार्यालय, उनके आने-जाने के समय और सरकारी/निजी वाहनों की जानकारी जुटाई जा रही थी। महिला ने आशंका जताई कि आरोपी किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी या बाउंसरों के जरिए उनके परिवार की रेकी करा रहा था, जिससे उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी।


सपा ने पद से हटाया; अलीगढ़ के धर्रामाफी गांव से हुई गिरफ्तारी

मामला तूल पकड़ते ही समाजवादी पार्टी ने आनन-फानन में डॉ. राजन रिजवी को सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासचिव पद से बर्खास्त कर दिया था। मथुरा के अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) आशना चौधरी के मुताबिक, रविवार को स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने अलीगढ़ के थाना क्वारसी अंतर्गत ग्राम धर्रामाफी में दबिश देकर आरोपी को दबोचा। मथुरा लाकर आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मंजूर कर ली गई।