जम्मू, 29 मई । 3 जुलाई से शुरू होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर शुक्रवार को एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह ने भगवती नगर बेस कैंप का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य यात्रा के सुचारू संचालन के लिए की जा रही सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था।
दौरे के दौरान एसएसपी जम्मू ने सुरक्षा तैनाती का व्यापक निरीक्षण किया और बेस कैंप में तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत की। समीक्षा बैठक के दौरान सीआरपीएफ और नागरिक प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए समग्र सुरक्षा रणनीति, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, निगरानी तंत्र, आपातकालीन प्रतिक्रिया की तैयारी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के संबंध में विस्तृत चर्चाएं की गईं।
एसएसपी जम्मू ने सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के महत्व पर जोर दिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यात्रा की अवधि के दौरान उच्च स्तर की सतर्कता और समन्वय बनाए रखें। बेस कैंप में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए उचित सुविधाओं, सुचारू आवागमन और बिना किसी परेशानी के सहायता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर घनिष्ठ समन्वय से काम करें, ताकि पवित्र यात्रा पर निकलने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक सुरक्षित, संरक्षित और आरामदायक वातावरण प्रदान किया जा सके।
3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा 57 दिनों बाद 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन संपन्न होगी। समुद्र तल से करीब 8,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग बनता है, जिसका आकार चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ बदलता रहता है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक मानते हैं।
श्रद्धालु अमरनाथ गुफा तक पारंपरिक लंबे पहलगाम मार्ग या छोटे बालटाल मार्ग से पहुंचते हैं। पहलगाम मार्ग से गुफा तक पहुंचने में करीब चार दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग से जाने वाले श्रद्धालु दर्शन के बाद उसी दिन बेस कैंप लौट आते हैं।
यात्रियों के लिए पहलगाम और बालटाल दोनों बेस कैंप से हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध रहती है।

