मुंबई। देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। बैंक ने मंगलवार को घोषणा की कि अनूप बागची ने प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद संभाल लिया है। यह बदलाव शशिधर जगदीशन का कार्यकाल पूरा होने के बाद हुआ है।स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, शशिधर जगदीशन ने 26 अक्टूबर 2026 को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ एमडी एवं सीईओ का पद छोड़ दिया। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 से अनूप बागची ने औपचारिक रूप से बैंक की कमान संभाल ली।

बैंक ने अपने बयान में जगदीशन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बैंक ने प्रदर्शन, संगठनात्मक संस्कृति और ग्राहक-केंद्रित कार्यशैली को और मजबूत बनाया। बैंक ने यह भी माना कि कॉरपोरेट भारत के सबसे बड़े विलयों में से एक को सफलतापूर्वक पूरा कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अनूप बागची ऐसे समय में बैंक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जब बैंक का परिचालन प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने हैं। इसी महीने बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 19,610 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ दर्ज किया था, जो सालाना आधार पर 5.2 प्रतिशत अधिक था। हालांकि यह बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा।

तिमाही के दौरान बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई) 9.7 प्रतिशत बढ़कर 34,619 करोड़ रुपए रही, जबकि विश्लेषकों का अनुमान 34,991 करोड़ रुपए था। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) 3.16 प्रतिशत रहा। बैंक ने कहा था कि अधिक प्रावधान (प्रोविज़निंग) और अपेक्षा से कमजोर एनआईआई के कारण प्रदर्शन पर असर पड़ा, हालांकि ऋण और जमा दोनों में मजबूत वृद्धि देखने को मिली।

इस बीच बैंक हाल में सामने आए संभावित गोपनीय जानकारी लीक मामले की भी आंतरिक जांच कर रहा है। बैंक के प्रवक्ता ने कहा है कि सभी तथ्यों का आकलन करने के लिए आंतरिक समीक्षा जारी है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि समीक्षा प्रक्रिया और इससे जुड़े लोगों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए फिलहाल मामले पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि अक्टूबर की शुरुआत में कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि बैंक की आंतरिक जांच में दो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गोपनीय सूचनाएं साझा किए जाने के संकेत मिले थे। हालांकि बैंक ने इस मामले पर अंतिम निष्कर्ष आने तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी करने से परहेज किया है।

वर्ष 2026 के दौरान बैंक में अन्य नेतृत्व परिवर्तन भी देखने को मिले हैं। मार्च में तत्कालीन चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने व्यक्तिगत मूल्यों और बैंक की कुछ कार्यप्रणालियों के बीच मतभेद का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था।

वहीं, उप प्रबंध निदेशक कैजाद भरूचा ने भी वर्ष के अंत तक अपनी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया है और 31 दिसंबर से प्रभावी रूप से पद छोड़ने का अनुरोध किया है।