इचिनोमिया सिटी। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा है। सेमीफाइनल मुकाबले में बुधवार को चीन के खिलाफ भारत को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा।इस हार के साथ ही भारत का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। हालांकि, इसके बावजूद भारतीय टीम ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रही। यह दूसरा मौका है जब भारत ने एशियन गेम्स में बैडमिंटन में पोडियम पर जगह बनाई है। भारत का पिछला मेडल एशियन गेम्स 2023 में आया था, जहां सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष डबल्स में गोल्ड मेडल जीता था।

क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान को हराकर भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और पुरुष टीम इवेंट में देश के लिए अपना पहला एशियन गेम्स मेडल पक्का किया था। हालांकि, मौजूदा चैंपियन चीन के खिलाफ भारतीय टीम को मजबूत सिंगल्स लाइन-अप और बेहतरीन डबल्स कॉम्बिनेशन का सामना करना पड़ा।

सेमीफाइनल मुकाबले की शुरुआत की जिम्मेदारी लक्ष्य सेन को सौंपी गई, जिनका सामना पूर्व वर्ल्ड चैंपियन शी युकी से था। मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह मौकों को भुना नहीं पाए और 16-21, 18-21 से हार गए, जिससे चीन को शुरुआती बढ़त मिल गई। इसके बाद सात्विक और चिराग ने भारत की वापसी कराई। मौजूदा एशियन गेम्स पुरुष डबल्स चैंपियन ने लियांग वेइकेन्ग और वांग चांग के खिलाफ अपना दबदबा बनाया और 21-11, 22-20 से जीत हासिल कर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।

तीसरे मैच में पलड़ा फिर से चीन की तरफ झुक गया। आयुष शेट्टी को मौजूदा एशियन गेम्स पुरुष सिंगल्स चैंपियन ली शिफेंग की मजबूत चुनौती का सामना करना पड़ा। युवा भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआती गेम में कड़ी टक्कर दी, लेकिन ली ने 21-19, 21-13 से जीत हासिल की।

चौथे और निर्णायक मुकाबले में एम.आर.अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुणन का सामना हे जी टिंग और लियू यी से हुआ। पहला गेम हारने के बाद भारतीय जोड़ी ने वापसी की और मुकाबला एक-एक गेम की बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी ने फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया और 21-16, 17-21, 21-9 से जीत दर्ज की। चीन की जीत से भारत के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गईं, लेकिन एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार भारतीय पुरुष टीम ने टीम इवेंट में मेडल जीता।