पटना। बिहार में स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि वर्ष 2027 के नए शैक्षणिक सत्र से राज्य के सभी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही आईसीटी लैब, विज्ञान प्रयोगशालाओं, मॉडल स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना पर भी चर्चा हुई।शिक्षा मंत्री ने बताया कि पटना में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। इसमें बिहार में चल रही परियोजनाओं की प्रगति और केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता पर विस्तार से चर्चा की गई।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में 3,818 आईसीटी लैब की प्रगति की समीक्षा की गई। राज्य के नौ हजार से अधिक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मॉडल स्कूल जैसी सुविधाएं विकसित करने पर भी विचार हुआ। इसके अलावा, राज्य में खोले गए 700 मॉडल स्कूलों की प्रगति की जानकारी साझा की गई। उन्होंने बताया कि 10,531 विज्ञान प्रयोगशालाओं को व्यवस्थित और हाईटेक बनाने की जरूरत है। इनमें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाएं शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और प्रयोग आधारित अध्ययन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 1,520 विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव रखा है। इन विद्यालयों के लिए अब जमीन उपलब्ध हो गई है। इसके लिए प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण के मद में लगभग 2,000 करोड़ रुपए की मांग की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस प्रस्ताव पर दिल्ली जाकर विचार करने और धन आवंटन की दिशा में प्रयास करने का आश्वासन दिया।
बैठक में बिहार के 836 पीएम श्री विद्यालयों को पूरी तरह व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने, उल्लास कार्यक्रम और संस्कृत विद्यालयों को केंद्रीय अनुदान देने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रमंडल में संस्कृत विद्यापीठ स्थापित करना चाहती है। यहां कक्षा 6 से लेकर शोध स्तर तक की पढ़ाई एक ही परिसर में कराने की योजना है। इसमें वेद, उपनिषद और विज्ञान की शिक्षा को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की शाखा खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सामने रखा। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और रोबोटिक्स की शिक्षा के लिए केंद्रीय सहायता मांगी गई। बैठक में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के भोजन में चिक्की और मिलेट शामिल करने तथा स्कूलों की रसोई को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।
मिथिलेश तिवारी ने आगे कहा कि 2027 से कक्षा 6 से 12 तक कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने के प्रस्ताव को भी बैठक में रखा गया है। शिक्षा विभाग को तय कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारने का निर्देश दिया गया है।














