दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) प्रक्रिया के विरोध में बुलाया गया विशाल प्रदर्शन दिल्ली पुलिस की भारी किलेबंदी के आगे बेअसर साबित हुआ। सुबह 10:00 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था, लेकिन पुलिस प्रशासन की चौतरफा सख्ती के चलते शाम 5:00 बजे तक एक भी प्रदर्शनकारी मुख्य धरना स्थल तक नहीं पहुंच सका। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व—अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका—को सुबह ही दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरते ही हिरासत में ले लिए जाने के बाद आंदोलन की कमान बिखर गई।


3 से 5 लेयर बैरिकेडिंग से घेराबंदी, हिरासत में लिए गए लोगों का आंकड़ा 3500 पार

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर 3 से लेकर 5 लेयर तक की बहुस्तरीय मेटल बैरिकेडिंग कर रखी थी। राजधानी के अलग-अलग कोनों से जंतर-मंतर की ओर कूच करने का प्रयास कर रहे समर्थकों को रास्तों में ही रोक दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाम तक हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की कुल संख्या 3,500 के पार पहुंच गई। प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित कई प्रमुख नेताओं को भी पुलिस ने आगे बढ़ने से रोकते हुए हिरासत में ले लिया।


आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेडिंग तोड़ी, पथराव में दो पुलिसकर्मी जख्मी

दिनभर राजधानी में तनावपूर्ण शांति के बीच एक-दो स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधी झड़पें भी दर्ज की गईं। इम्तियाज अली मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन के समीप उग्र भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए बैरिकेडिंग गिरा दी। आगे बढ़ने से रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने हल्का बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा और कई लोगों को दबोचकर बसों के जरिए अस्थायी हिरासत केंद्रों में भेज दिया।


मतदाता सूची और SIR के विरोध में प्रदर्शन

उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया पर धांधली के आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर इस 'दिल्ली चलो' आंदोलन की घोषणा की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के समन्वित सुरक्षा बंदोबस्त ने पूरे लुटियंस क्षेत्र को छावनी में बदलकर प्रदर्शनकारियों के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।


CJP संस्थापक दीपके को विमान के भीतर से पकड़ा, ध्रुव राठी गुरुग्राम से हिरासत में

इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य सूत्रधार 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को मुंबई से दिल्ली पहुंचने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। उनके साथ पार्टी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस ने सुरक्षा घेरे में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से पूर्व दीपके ने पुलिस अधिकारियों से तल्ख लहजे में कहा, "हम यहां गिरफ्तार होने ही आए हैं, आइए और हमें गिरफ्तार कर लीजिए।" उन्होंने प्रशासन के इस रवैये को लोकतंत्र का गला घोंटने वाली खुली तानाशाही करार दिया। वहीं, इस प्रदर्शन में भाग लेने के लिए विदेश से भारत लौटे लोकप्रिय यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार सुबह ही गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया था।


आकाशवाणी भवन के पास झड़प और पथराव, दो पुलिसकर्मी घायल

दोपहर करीब 1:00 बजे इम्तियाज अली मार्ग स्थित आकाशवाणी भवन के समीप माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब प्रदर्शनकारियों के एक बड़े गुट ने पुलिस की सुरक्षा बैरिकेडिंग तोड़ दी। आगे बढ़ने से रोके जाने पर उग्र भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके जवाब में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और कई लोगों को दबोच लिया। इस अफरा-तफरी और झड़प के दौरान एक प्रदर्शनकारी का सिर फटने से वह लहूलुहान हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल पूरे लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल और पैरामिलिट्री तैनात है।


दिल्ली बनी छावनी: पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के 7 बड़े एक्शन

  1. 38 हजार जवानों की भारी तैनाती:
    राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए 8 से 12 अक्टूबर तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 221 कंपनियां बुलाई गईं, जिनमें करीब 23 हजार जवान शामिल रहे। इनके साथ दिल्ली पुलिस के 15 हजार से अधिक जवानों को संवेदनशील इलाकों और चौराहों पर तैनात कर सुरक्षा का अभेद्य घेरा तैयार किया गया।
  2. 250 ट्रेनें रद्द और बसों की सघन पड़ताल:
    भीड़ को राजधानी में एकत्र होने से रोकने के लिए शनिवार सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली 250 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। इसके अलावा टूर एंड ट्रेवल्स संचालकों से निजी बसों की बुकिंग की बारीकी से जांच की गई, ताकि दिल्ली कूच करने वालों की पहले ही पहचान की जा सके।
  3. कॉलेजों-पीजी में अपील, 2,800 संदिग्धों पर कड़ी नजर:
    प्रशासन ने विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों के प्रमुखों और निजी पीजी संचालकों से संपर्क कर छात्रों को प्रदर्शन में शामिल न होने देने की अपील की। इसके साथ ही सोशल मीडिया और खुफिया इनपुट के आधार पर करीब 2,800 संदिग्ध प्रोफाइल और सक्रिय व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी गई।
  4. 45 मेट्रो स्टेशन बंद, 10 फीट ऊंचे बैरिकेड्स व आंसू गैस तैनात:
    भीड़ की आवाजाही पर लगाम लगाने के लिए 10 अक्टूबर को 45 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले तमाम मुख्य रास्तों पर 10-10 फीट ऊंचे मेटल बैरिकेड्स खड़े किए गए और किसी भी उपद्रव से निपटने के लिए वॉटर कैनन व आंसू गैस के वाहन तैनात रहे।
  5. सीमाओं पर अभेद्य पहरा: सड़कों पर लगाई गईं कीलें:
    उत्तर प्रदेश से लगी पूर्वी दिल्ली और शाहदरा सीमा सहित हरियाणा व राजस्थान से आने वाले सभी प्रवेश मार्गों पर वाहनों की सघन चेकिंग की गई। प्रदर्शनकारियों के वाहनों को जबरन घुसने से रोकने के लिए बॉर्डर की सड़कों पर लोहे की कीलें और कई लेयर की बैरिकेडिंग लगाई गई।
  6. बॉडीकैम से रिकॉर्डिंग, स्टेडियम बने अस्थायी जेल:
    फ्रंटलाइन पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को 150 विशेष बॉडीकैम से लैस किया गया, ताकि हर गतिविधि और संभावित टकराव की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सके। इसके अलावा भारी संख्या में हिरासत में लिए जाने वाले प्रदर्शनकारियों को रखने के लिए स्टेडियमों को अस्थायी डिटेंशन सेंटर में तब्दील कर दिया गया।
  7. विमान से ही शीर्ष नेतृत्व की धरपकड़, रास्ते में रोका कारवां:
    पार्टी नेताओं को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली हवाई अड्डे पर फ्लाइट के भीतर से ही कस्टडी में ले लिया गया। वहीं, सड़कों पर निकले कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर के दायरे से मीलों दूर ही हिरासत में लेकर बसों से रवाना कर दिया गया।


राहुल गांधी और केजरीवाल का सरकार पर तीखा हमला

सीजेपी नेताओं की धरपकड़ पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है:

  • अरविंद केजरीवाल: आम आदमी पार्टी के संयोजक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "यह इमरजेंसी से भी बदतर स्थिति है। हम अघोषित तानाशाही में जी रहे हैं। फ्लाइट से नेताओं को हिरासत में लेना सरकार के गहरे डर को दर्शाता है। लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास हो रहा है; ज्ञानेश कुमार को जाना चाहिए और मोदी सरकार को भी।"
  • राहुल गांधी: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सेंट्रल हॉल में 'INDIA' गठबंधन के सांसदों को दिए अपने वक्तव्य को साझा करते हुए कहा कि "मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी जाएंगे और यह सरकार भी जाएगी, जिसके बाद देश में लोकतंत्र को पटरी पर लाने का काम शुरू होगा।"