छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। जनप्रतिनिधियों को आमतौर पर जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को निर्देश देते हुए देखा जाता है, लेकिन छिंदवाड़ा के वार्ड क्रमांक 42 में भाजपा पार्षद संदीप सिंह चौहान ने एक अलग ही उदाहरण पेश किया। क्षेत्र में लंबे समय से नाले की सफाई नहीं होने और लोगों की बढ़ती परेशानी के बीच उन्होंने अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों का इंतजार करने के बजाय खुद नाले में उतरकर सफाई शुरू कर दी।
गुलाबरा क्षेत्र में नाले में जमा गंदगी और सफाई व्यवस्था की अनदेखी को लेकर स्थानीय नागरिक लगातार शिकायत कर रहे थे। जब मौके पर सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचे तो पार्षद संदीप चौहान स्वयं नाले में उतर गए और गंदगी निकालने लगे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन वे सफाई कार्य में जुटे रहे।
नाले में सफाई करते हुए पार्षद की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं और पूरे शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। खास बात यह है कि संदीप चौहान उसी भाजपा के पार्षद हैं, जिसकी नगर निगम में सत्ता है। इसके बावजूद वे कई बार निगम प्रशासन और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं तथा जनता की समस्याओं को लेकर खुलकर आवाज बुलंद करते रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक जनप्रतिनिधि को जनता की मूलभूत समस्या के समाधान के लिए स्वयं नाले में उतरना पड़े, तो यह केवल सफाई व्यवस्था की नहीं बल्कि पूरे तंत्र की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। वहीं कुछ लोग इसे जनता के प्रति पार्षद की संवेदनशीलता और समर्पण का प्रतीक मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे नगर निगम की लापरवाही और विफलता के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल वार्ड 42 के भाजपा पार्षद का यह अनोखा विरोध चर्चा का केंद्र बना हुआ है और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ गया है।

