सीतापुर (उप्र)। सीतापुर जिले की सेउता विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक ज्ञान तिवारी फर्जी नाम और पहचान के सहारे कई महिलाओं से शादी करने वाले अपने दामाद और समधी की गिरफ्तारी के बाद फेसबुक लाइव के जरिए जनता के सामने आए। इस दौरान उनकी डॉक्टर बेटी भी उनके साथ मौजूद थीं।

साल 2024 में सामाजिक परंपराओं के साथ अपनी बेटी का विवाह करने वाले विधायक ने अनजाने में हुए इस बड़े धोखे पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने धोखे का शिकार हुईं सभी महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाने के उद्देश्य से आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की और उस परिवार से अपने सभी संबंध पूरी तरह समाप्त करने का सार्वजनिक ऐलान किया।


मानसिक आघात से गुजर रहा है विधायक का परिवार

फेसबुक लाइव में विधायक ज्ञान तिवारी ने बताया कि विवाह के समय उन्हें समधी पक्ष के इन गंभीर और आपराधिक कारनामों की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि एक पिता होने के नाते इस पूरे घटनाक्रम से वे बेहद आहत हैं और उनका पूरा परिवार इस समय गहरे मानसिक आघात से गुजर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बेटी एक शिक्षित डॉक्टर और आत्मनिर्भर महिला है, जिसके साथ वे और उनका परिवार हर परिस्थिति में मजबूती से खड़े रहेंगे।


पीड़ित महिलाओं के लिए न्याय और आरोपी के लिए फांसी की मांग

विधायक ने कहा कि जिन भी महिलाओं के साथ धोखाधड़ी, उत्पीड़न और छल हुआ है, उन्हें कानून के जरिए जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। बेटियों का विश्वास तोड़ने वाले अपराधियों के साथ किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस और न्यायिक व्यवस्था से आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसके लिए मृत्युदंड यानी फांसी की सजा की पैरवी की।


आरोपी परिवार से तोड़े सभी रिश्ते, पुलिस जांच पर टिकी निगाहें

ज्ञान तिवारी ने सार्वजनिक रूप से आरोपी परिवार से अपने सभी नाते-रिश्ते तुरंत प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा की है। विधायक और उनकी बेटी के इस खुले बयान के बाद यह पूरा प्रकरण प्रदेश भर में चर्चा का केंद्र बन गया है। अब इस पूरे फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस की आगामी जांच, अन्य खुलासों और अदालत की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।