भोपाल। यदि बैंक से जुड़ा आपका कोई जरूरी कामकाज पेंडिंग है, तो उसे आज ही निपटा लें। 5-डे बैंकिंग (सप्ताह में पांच दिन काम) और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के नए नियमों के विरोध में मध्य प्रदेश के 40 हजार बैंक अधिकारी-कर्मचारी 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। हड़ताल के कारण लगातार पांच दिन बैंक बंद रहने की स्थिति को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विशेष अनुमति पर आज रविवार को प्रदेश भर की शाखाएं और करेंसी चेस्ट खुले रखे गए हैं।
गौरतलब है कि देश में 10 साल बाद ऐसा मौका आया है जब रविवार को बैंक खुले हैं। इससे पहले वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक खोले गए थे। मध्य प्रदेश में रोजाना औसतन ₹5,500 करोड़ का बैंकिंग कारोबार होता है। ऐसे में तीन दिन की हड़ताल से लगभग ₹16,500 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित होने की आशंका है।
यह भी पढि़ए: किसान के बेटे का MPPSC में कमाल:रिश्तेदारों से कर्ज लेकर पिता ने इंदौर भेजा था, बेटे ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में हासिल की प्रदेश में 7वीं रैंक
हड़ताल का गणित: भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 1,500 ब्रांच
मध्य प्रदेश में सरकारी बैंकों की कुल 7 हजार शाखाएं हैं। इनमें भोपाल की 400, इंदौर की 800 और उज्जैन की 300 शाखाएं शामिल हैं। अधिकांश शाखाओं में स्केल-3 तक के कर्मचारी कार्यरत हैं, जो हड़ताल में शामिल रहेंगे। हालांकि स्केल-4 और उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारी बैंक पहुंचेंगे, लेकिन स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण वे ग्राहकों को सेवाएं नहीं दे पाएंगे।
ग्राहकों को राहत: इन 12 सरकारी बैंकों के ATM से ट्रांजैक्शन रहेगा बिल्कुल फ्री
हड़ताल के दौरान ग्राहकों को कैश की किल्लत न हो, इसके लिए सभी सरकारी बैंकों के एटीएम पर मंथली फ्री लिमिट खत्म होने के बाद भी कोई शुल्क नहीं लगेगा। आमतौर पर लिमिट पार होने पर प्रति ट्रांजैक्शन ₹23 + GST लगता है। ये 12 सरकारी बैंक देंगे फ्री एटीएम सुविधा:
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
- पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
- बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)
- कैनरा बैंक
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- बैंक ऑफ इंडिया (BOI)
- इंडियन बैंक
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
- इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB)
- यूको बैंक
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र
- पंजाब एंड सिंध बैंक
हड़ताल के दौरान क्या खुला रहेगा और क्या बंद?
ग्राहकों के अटक सकते हैं ये 10 प्रमुख काम:
- कैश लेनदेन: शाखा से बड़ी नकदी निकालने या जमा करने में परेशानी।
- चेक क्लीयरेंस: चेक जमा करने और क्लीयर होने में 3 से 4 दिन की देरी।
- खाता व केवाईसी: नए खाते खोलने के लिए वेरिफिकेशन और शाखा स्तर पर KYC अपडेशन का काम ठप।
- नॉमिनी अपडेशन: खाते में नॉमिनी जोड़ने या बदलने के आवेदन लंबित रहेंगे।
- डीडी/चेक: डिमांड ड्राफ्ट और बैंकर्स चेक जारी नहीं हो सकेंगे।
- लॉकर सुविधा: बैंक शाखाएं पूरी तरह बंद रहने से लॉकर ऑपरेशन नहीं हो पाएगा।
- लोन प्रोसेसिंग: लोन दस्तावेजों की पड़ताल, लीगल वेरिफिकेशन और वितरण प्रक्रिया धीमी होगी।
- डेथ क्लेम: मृतक खाताधारकों के क्लेम और कागजी प्रक्रिया रुक जाएगी।
- शिकायत निवारण: वित्तीय फ्रॉड या लेन-देन की तकनीकी शिकायतों का समाधान शाखा स्तर पर अटक जाएगा।
- सरकारी भुगतान: चालान, ट्रेजरी से जुड़े भुगतान और सरकारी बैंकिंग कार्य प्रभावित रहेंगे।
आंदोलन की मुख्य वजह: 5-डे वीक और PLI का विरोध
- 5-डे वीक का गणित: वर्तमान में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रहता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की मांग है कि सभी शनिवार-रविवार को अवकाश घोषित किया जाए। इसके बदले कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं।
- PLI पर तकरार: केंद्र सरकार द्वारा स्केल-4 और उससे ऊपर के शीर्ष अधिकारियों के लिए लागू नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का भी विरोध हो रहा है, जिसमें अफसरों को 365 दिन के बेसिक वेतन के बराबर तक इंसेंटिव देने का प्रावधान है। कर्मचारी यूनियनें इसे भेदभावपूर्ण बता रही हैं।
- हड़ताल में शामिल संगठन: AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBOC और INBEF समेत 7 बड़े संगठन इस संयुक्त मोर्चे में शामिल हैं।











