कटनी| मध्य प्रदेश की सियासत में कटनी से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय और राजस्व विवाद सामने आया है। प्रदेश के सबसे अमीर विधायकों में शुमार और विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार का नाम कथित स्टांप व पंजीयन शुल्क चोरी के मामले में आया है। आरोप है कि विधायक की पत्नी निधि पाठक ने कटनी शहर के एक बेहद कीमती व्यावसायिक भूखंड की खरीद में नियमों को ताक पर रखकर लाखों रुपये का राजस्व बचाने का प्रयास किया। स्टांप विभाग की विस्तृत जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद 'कलेक्ट्रेट ऑफ स्टांप' ने ब्याज और दंड सहित करीब 59 लाख रुपये की रिकवरी (वसूली) का अंतिम आदेश जारी कर दिया है।


कलेक्टर गाइडलाइन से 4 गुना कम दिखाई कीमत

यह पूरा विवाद कटनी शहर के महाराणा प्रताप वार्ड स्थित खसरा नंबर 289/8, 289/9 और 289/23 की लगभग 10,400 वर्गफीट बहुमूल्य व्यावसायिक भूमि से जुड़ा हुआ है। पंजीयन विभाग की जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस बेशकीमती जमीन का वास्तविक कलेक्टर गाइडलाइन मूल्य लगभग 3.86 करोड़ रुपये आंका गया था। इसके विपरीत, रजिस्ट्री के आधिकारिक दस्तावेजों में इस पूरी जमीन की कीमत महज 96.38 लाख रुपये दर्शाई गई, जो वास्तविक मूल्य से करीब चार गुना कम है।


राजस्व को चपत लगाने के लिए अपनाया 'टुकड़ा फॉर्मूला'

जांच रिपोर्ट में इस बात का साफ उल्लेख है कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के लिए सोचे-समझे तरीके से खेल खेला गया। पूरी जमीन की एक साथ रजिस्ट्री कराने के बजाय चार दिन के अंतराल में इसे दो हिस्सों में बांटकर अलग-अलग रजिस्ट्रियां कराई गईं:


20 दिसंबर 2021 (पहली रजिस्ट्री): भूमि के पीछे स्थित लगभग 9,350 वर्गफीट हिस्से की रजिस्ट्री कराई गई, जिसका मूल्यांकन महज 6,600 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से किया गया।


24 दिसंबर 2021 (दूसरी रजिस्ट्री): ठीक चार दिन बाद मुख्य सड़क से लगे हुए 1,050 वर्गफीट के अग्रिम हिस्से की अलग से रजिस्ट्री कराई गई।


मुख्य हेरफेर: नियमतः मुख्य मार्ग से लगी इस जमीन की गाइडलाइन दर 40 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर थी, लेकिन इसे भी पिछली कम मूल्य वाली जमीन की श्रेणी में दर्शाकर रजिस्ट्री पास करा ली गई।


ब्याज और जुर्माने के साथ 59 लाख का फटका

स्टांप विभाग ने इस कृत्य को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना है। मूल रूप से कुल 27.43 लाख रुपये की स्टांप शुल्क चोरी और 2.90 लाख रुपये की पंजीयन शुल्क चोरी (कुल ₹30.33 लाख) दर्ज की गई है। अब इसमें नियम के मुताबिक भारी ब्याज और दंड (पेनल्टी) की राशि जोड़ी गई है, जिसके बाद कुल देय राशि लगभग 59 लाख रुपये तक पहुंच गई है।


चार बार समन भेजने पर भी नहीं पहुंचीं विधायक पत्नी

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत संबंधित पक्ष को अपनी सफाई देने के कई मौके दिए। "प्रकरण की सुनवाई के दौरान विभाग द्वारा 16 जनवरी, 28 जनवरी, 10 फरवरी और 25 फरवरी 2026 को बकायदा आधिकारिक नोटिस जारी कर निधि पाठक को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। लेकिन आदेश पत्र में स्पष्ट दर्ज है कि संबंधित पक्ष ने न तो नोटिस रिसीव किए और न ही तय तारीखों पर कोई प्रतिनिधि सुनवाई में उपस्थित हुआ।"

- स्टांप विभाग, कटनी


कटनी से भोपाल तक सियासी भूचाल, विपक्ष हमलावर

एक कद्दावर भाजपा विधायक के परिवार से जुड़ा मामला होने के कारण कटनी से लेकर भोपाल तक के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। सूत्र बताते हैं कि बजट सत्र और आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों में विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार और भाजपा को घेरने की बड़ी रणनीति बना रहा है। प्रशासनिक स्तर पर अब इस भारी-भरकम राशि की वसूली के लिए वारंट जारी करने या अन्य कानूनी कदम उठाने पर नजरें टिकी हुई हैं। यह मामला अब केवल एक राजस्व घाटे का नहीं, बल्कि प्रदेश में प्रशासनिक पारदर्शिता और राजनीतिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।