भोपाल, सुबोध त्रिपाठी। मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाने के उद्देश्य से कई बड़े विभागों में थोकबंद तबादले किए गए हैं। इन आदेशों का सीधा असर छतरपुर जिले पर भी पड़ा है, जहाँ स्वास्थ्य और कृषि विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है तो वहीं कुछ अधिकारियों को यहाँ से अन्य जिलों में भेजा गया है। शासन ने इन सभी आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नवीन पदों पर कार्यभार ग्रहण करने के सख्त निर्देश दिए हैं।


लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी प्रशासनिक स्थानांतरण सूची के तहत छतरपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। इसके तहत खजुराहो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ महिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रुचि शर्मा का स्थानांतरण सिविल सर्जन कार्यालय जिला छतरपुर में किया गया है। इसी तरह पन्ना जिला अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सत्य प्रकाश शाक्यवार को छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित सिविल अस्पताल में नई पदस्थापना दी गई है। दंत शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में भी बदलाव करते हुए शासन ने गोहद के मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ डेंटल सर्जन डॉक्टर निकिता सिंघल का तबादला छतरपुर के सिविल सर्जन कार्यालय में किया है। इसके अतिरिक्त, छतरपुर के सिविल सर्जन कार्यालय में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विजयपाल सिंह शाक्तावत को यहाँ से स्थानांतरित कर नीमच जिले के सिविल सर्जन कार्यालय में भेजा गया है।


नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य सेवा के अन्य क्षेत्रों की बात करें तो स्वैच्छिक आधार पर जारी सूची में छतरपुर का नाम शामिल है। इसके अंतर्गत दमोह के सिविल सर्जन कार्यालय से स्थानांतरित होकर आ रही नर्सिंग अधिकारी अर्चना धुर्वे को सिविल सर्जन कार्यालय जिला छतरपुर में पदस्थ किया गया है। वहीं भिंड के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पदस्थ नर्सिंग अधिकारी प्रीति विश्वकर्मा को भी छतरपुर सिविल सर्जन कार्यालय भेजा गया है। इसी प्रकार कटनी सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी काजल तिवारी का नया पदस्थापना स्थल भी सिविल सर्जन कार्यालय छतरपुर तय किया गया है। इसके विपरीत छतरपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के अधीन कार्यरत नर्सिंग अधिकारी अनुपमा अहिरवार को यहाँ से स्थानांतरित कर विदिशा जिले के सिविल सर्जन कार्यालय में नियुक्त किया गया है। छतरपुर जिले के ही लौंडी मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ नर्सिंग अधिकारी हृदेश प्रजापति का तबादला सिविल अस्पताल नौगांव में किया गया है।


किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा जारी आदेशों में भी छतरपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र के कृषि अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया है। इसके तहत पूर्व में नौगांव छतरपुर स्थित कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र में प्राचार्य के रूप में कार्यरत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी स्नेहलता त्रिपाठी का स्थानांतरण भोपाल स्थित बीज परीक्षण प्रयोगशाला में कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सहायक संचालक संवर्ग के प्रशासनिक फेरबदल के तहत टीकमगढ़ के उप संचालक कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक दिनेश कुमार जाटव को दतिया जिले में प्रभारी उप संचालक के रूप में नई प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही छतरपुर उप संचालक कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक डॉक्टर सुरेश पटेल को रीवा जिले में परियोजना संचालक आत्मा समिति के पद पर भेजा गया है।


तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के अध्यापन संवर्ग में भी बदलाव की बयार चली है। छतरपुर जिले के नौगांव पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में पदस्थ इलेक्ट्रिकल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के व्याख्याता अशोक कुमार अवस्थी का तकनीकी शिक्षा विभाग ने संविलियन करते हुए उन्हें रीवा पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में आगामी आदेश तक पदस्थ किया है। इस पूरे प्रशासनिक फेरबदल को लेकर शासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत पॉलिटेक्निक व्याख्याताओं को दो सप्ताह के भीतर और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों व नर्सिंग अधिकारियों को अधिकतम सात दिनों के भीतर अपने वर्तमान पदों से मुक्त होकर नए स्थानों पर ऑनलाइन माध्यम (eHRMS पोर्टल) से जॉइनिंग देनी होगी। निर्देशों का उल्लंघन करने या अनाधिकृत अवकाश पर जाने वालों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।


1. किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग: वरिष्ठ अधिकारियों की नई नियुक्तियां

विभाग ने वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों और सहायक संचालक संवर्ग के अधिकारियों के प्रशासनिक व स्वयं के व्यय के आधार पर बड़े पैमाने पर तबादले किए हैं।

  • वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी: शिव कुमार सिंह चौहान (अम्बाह से सोहावल, सतना), रामाकांत लोधी (पलेरा से पन्ना), कुलराज रघुवंशी (वारासिवनी से बालाघाट मुख्यालय) और गोरेलाल वास्कले (खण्डवा उप संभाग से विकासखंड खण्डवा) समेत कुल 31 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले किए गए हैं । इनमें से कई अधिकारियों को किसान कल्याण तथा कृषि विकास संचालनालय (विन्ध्याचल भवन, भोपाल) में भी पदस्थ किया गया है ।
  • सहायक संचालक संवर्ग: प्रशासनिक आधार पर 61 सहायक संचालकों एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है。 परमानन्द डाबर को बड़वानी से प्रभारी उप संचालक अलीराजपुर, भगवान सिंह अर्गल को उज्जैन से प्रभारी उप संचालक रतलाम और दिनेश कुमार जाटव को टीकमगढ़ से प्रभारी उप संचालक दतिया बनाया गया है । इसके अलावा बड़ी संख्या में सहायक संचालकों को भोपाल संचालनालय और राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान (बरखेड़ीकलां) में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।


2. तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग: संविलियन और प्रतिनियुक्ति

तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के अध्यापन संवर्ग (शिक्षकों एवं विभागाध्यक्षों) के स्थानांतरण, संविलियन तथा प्रतिनियुक्ति के पृथक-पृथक आदेश जारी किए गए हैं।

  • खिनेश कुमार मेश्राम (व्याख्याता, इलेक्ट्रिकल) को सिवनी से डबरा (ग्वालियर) और डॉ. अतिमा सिंह (व्याख्याता, अंग्रेजी) को नरसिंहपुर से डिण्डोरी स्थानांतरित किया गया है ।
  • विभाग ने सेवा भर्ती नियम-2004 के तहत कई शिक्षकों का संविलियन व प्रतिनियुक्ति आदेश भी जारी किया है, जिसमें श्रीमती स्नेहलता मिश्रा (व्याख्याता, मैकेनिकल) को जबलपुर और सुश्री शिवा चौबे को सिरोंज पॉलिटेक्निक में संविलियन पर पदस्थ किया गया है ।
  • इसके साथ ही, श्रीमती कल्पना चन्सौरिया (व्याख्याता, रसायन शास्त्र) की पॉलिटेक्निक मंडला में की गई प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है ।


3. लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग: डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के थोकबंद तबादले

स्वास्थ्य विभाग में शासकीय सेवकों के स्थानांतरण नीति 2026 के दिशानिर्देशों के अनुक्रम में बड़े स्तर पर फेरबदल हुआ है।

  • चिकित्सा अधिकारी (Medical Officers): कुल 84 चिकित्सा अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किया गया है। इनमें डॉ. रुचि शर्मा को खजुराहो से जिला अस्पताल छतपुर, डॉ. पंकज महाजन को लामता से जिला अस्पताल बालाघाट और डॉ. रिचा कटकवार को नर्मदापुरम से 'स्टेट टीबी डेमोंस्ट्रेशन कम ट्रेनिंग सेंटर' भोपाल भेजा गया है।
  • दंत चिकित्सक (Dental Surgeons): कुल 9 दंत शल्य चिकित्सकों के तबादले किए गए हैं, जिनमें डॉ. निकिता सिंघल को गोहद से ग्वालियर और डॉ. अनुराग पाल को सीधी से बैतुल जिला अस्पताल स्थानांतरित किया गया है।
  • खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer): विभाग ने पूर्व में जारी स्थानांतरण आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी नीरज कुमार विश्वकर्मा को डिंडौरी के स्थान पर अब उप संचालक कार्यालय, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला सतना में पदस्थ किया है ।
  • नर्सिंग ऑफिसर: विभाग ने स्वैच्छिक आधार पर कुल 329 नर्सिंग ऑफिसरों और सीनियर नर्सिंग ऑफिसरों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। इन सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रदेश के विभिन्न प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में रिक्त पदों पर समायोजित किया गया है।


सख्त निर्देश: तय समय सीमा में कार्यमुक्ति और डिजिटल हाजिरी अनिवार्य

तबादला आदेशों को लेकर शासन ने कड़े नियम और शर्तें लागू की हैं:

  1. समय सीमा: पॉलिटेक्निक कॉलेज के शिक्षकों को आदेश जारी होने के 2 सप्ताह के भीतर कार्यमुक्त होना होगा। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के लिए आदेश जारी होने की तिथि से अधिकतम 07 दिवस के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य किया गया है।
  2. eHRMS पोर्टल की अनिवार्यता: स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की कार्यमुक्ति (Relieving) और कार्यग्रहण (Joining) केवल eHRMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन ही मान्य होगी। इसके बिना किया गया कोई भी लेन-देन या कार्यभार अमान्य माना जाएगा ।
  3. वित्तीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई: कार्यमुक्ति की तिथि के बाद मूल पदस्थापना से वेतन आहरण को वित्तीय अनियमितता माना जाएगा। बिना ठोस कारण के आदेश का पालन न करने या सीधे छुट्टी पर जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ 'मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965' के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी。
  4. इन परिस्थितियों में रोक: संविदा पर कार्यरत, अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित, निलंबित अथवा न्यायालयीन मामलों (स्थगन आदेश आदि) के अधीन आने वाले कर्मचारियों को किसी भी दशा में कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा।