छतरपुर। पर्यटन नगरी खजुराहो में चल रहे अवैध जुए के बड़े अड्डे पर पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा द्वारा गठित विशेष पुलिस टीम बीती रात गोपनीय तरीके से अचानक दबिश दी। सूत्रों के मुताबिक इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 19 जुआरियों को रंगे हाथों धर दबोचा, जबकि भगदड़ का फायदा उठाकर कुछ जुआरी मौके से भागने में सफल रहे।
हैरानी की बात यह रही कि इस पूरी गोपनीय छापेमारी की भनक स्थानीय खजुराहो पुलिस को नहीं लगने दी गई। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से संचालित इस फड़ को स्थानीय पुलिस का कथित संरक्षण प्राप्त होने की लगातार चर्चाएं थीं और जुए के इस अवैध कारोबार की सीधी शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच रही थीं। इसी के चलते पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय अमले को पूरी तरह अलग रखते हुए अपनी स्पेशल टीम को सीधे कार्रवाई के लिए रवाना किया।
पवन नगर के पीछे नर्सरी के घने जंगल में चल रहे जुए के फड़ की सूचना मिलते ही पुलिस मुख्यालय और विभिन्न थानों के संयुक्त बल ने चारों तरफ से घेराबंदी कर दबिश दी। इस छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फड़ से ताश के पत्तों पर दांव लगा रहे 19 जुआरियों को रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से 67 हजार 500 रुपये नकद, 14 मोटरसाइकिल और 18 मोबाइल फोन सहित करीब 9 लाख 50 हजार रुपये की कुल संपत्ति बरामद की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगठित अपराध की गंभीर धाराओं और पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
पुलिस को गोपनीय मुखबिर तंत्र से सूचना मिली थी कि खजुराहो के पवन नगर के पीछे स्थित नर्सरी के जंगलों में सुनसान स्थान का फायदा उठाकर कई दिनों से जुए की बड़ी महफिल सजाई जा रही है। इस फड़ पर छतरपुर, राजनगर, बमीठा, सटई के अलावा पड़ोसी जिले पन्ना तक के शातिर जुआरी दांव लगाने पहुंच रहे थे। सूचना को पुख्ता करते ही पुलिस मुख्यालय, साइबर सेल और संबंधित थानों की संयुक्त टीम ने रणनीतिक रूप से जंगल को चारों तरफ से घेरा। पुलिस के अचानक धमकने से फड़ पर भगदड़ मच गई, लेकिन सतर्क जवानों ने घेराबंदी कर मौके से 19 जुआरियों को धर दबोचा, जबकि कुछ संदिग्धों की तलाश जारी है।
छतरपुर, राजनगर, बमीठा और पन्ना के 19 जुआरी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में छतरपुर शहर के बकायन मार्ग निवासी कमलेश कायस्थ और देरी रोड निवासी हरीशंकर उर्फ हरी साहू शामिल हैं। इसके अलावा खजुराहो के बराई निवासी प्रमोद यादव, चौबे कॉलोनी निवासी लखन रैकवार, चितरई रोड निवासी जितेंद्र उर्फ नीलेश पटेल तथा अचनार निवासी हरगोविंद पाल, राजू अवस्थी व राहुल सेन को गिरफ्तार किया गया। राजनगर क्षेत्र से अतर्रा निवासी सुल्तान सिंह परिहार व भरत अवस्थी, खुशहाली मोहल्ला निवासी पिंकू यादव एवं छोटू उर्फ दीपेंद्र यादव पकड़े गए। वहीं बमीठा के किशोरगंज निवासी संदीप अहिरवार व विकास हरिजन, सटई के ढोंगरा मोहल्ला निवासी भागचंद्र पटेल, मातगुवां के बिजावर रोड निवासी राजा सिंह तथा पन्ना जिले के गांधी चौक निवासी मानवेंद्र पटेल, आगरा मोहल्ला निवासी मयंक उर्फ युवराज सिंह परमार और सोनू जायसवाल को हिरासत में लिया गया।
9.50 लाख की संपत्ति जब्त, संगठित अपराध की धाराएं लागू
तलाशी के दौरान पुलिस ने जुए के फड़ और आरोपियों की व्यक्तिगत तलाशी से 67,500 रुपये नकद राशि जब्त की। इसके साथ ही मौके से जुआरियों द्वारा लाई गईं 14 मोटरसाइकिलें और 18 एंड्रॉइड व कीपैड मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिनका कुल अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 9 लाख 50 हजार रुपये आंका गया है। पुलिस ने इसे सुनियोजित और संगठित रूप से संचालित अवैध गतिविधि मानते हुए आरोपियों के विरुद्ध पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत संगठित अपराध की सुसंगत धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
साइबर सेल और थाना प्रभारियों की संयुक्त टीम की रही अहम भूमिका
जंगल में संचालित इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में तकनीकी और जमीनी पुलिसिंग का बेहतरीन समन्वय देखने को मिला। इस सफल अभियान में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक दीपक यादव, थाना ईशानगर प्रभारी उप निरीक्षक रिपुदमन सिंह राजपूत, उप निरीक्षक अतुल कुमार झा सहित पुलिस बल और विशेष टीम के जवानों की उल्लेखनीय भूमिका रही। पुलिस अब पकड़े गए जुआरियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और संपर्कों को खंगाल रही है, ताकि फड़ संचालित करने वाले मुख्य सरगना और संरक्षणदाताओं तक पहुंचा जा सके।














